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Shimla News: वार्डाें में स्टील पार्किंग बनाने के लिए पार्षद चिह्नित करेंगे जमीन

Mon, 19 Aug 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:59 PM IST
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Councilors will mark land for making steel parking in the wards.
शहर के सभी वार्डों में बनेंगी स्टील पार्किंग
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सरकार देगी पार्किंग निर्माण के लिए पैसा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को जल्द ही पार्किंग की समस्या से राहत मिलने वाली है। नगर निगम शहर के सभी 34 वार्डाें में स्टील पार्किंग बनाने जा रहा है। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के निर्देशों के बाद निगम ने पार्षदों को इसके प्रस्ताव भेजने को कहा है।

इसी साल वार्डाें में स्टील पार्किंग का निर्माण शुरू करवाने की तैयारी है। निगम का दावा है कि निर्माण शुरू होने के एक माह के भीतर इनकी सुविधा लोगों को मिल जाएगी। नगर निगम के अनुसार पार्षदों को अपने वार्ड में ऐसी जमीन चिह्नित करनी होगी जिस पर कोई विवाद न हो। यदि सरकारी जमीन है तो उस पर अतिक्रमण, हरे पेड़ या अन्य निर्माण न हो। पार्षद अपने वार्ड में ऐसी दो से तीन जगहें भी चिह्नित कर प्रस्ताव बना सकते हैं। वार्ड में रह रहे लोग या एसोसिएशन ऐसी जगहों को लेकर पार्षदों को सुझाव दे सकते हैं। सभी पार्षदों से प्रस्ताव मिलने के बाद नगर निगम इन्हें शहरी विकास विभाग को भेजेगा। इसके बाद बजट मंजूर होते ही निर्माण शुरू करवा देगा। हाल ही में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मेयर-पार्षदों से बैठक कर उन्हें स्टील पार्किंग के निर्माण के लिए बजट देने को हामी भरी थी। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि स्टील पार्किंग के कई प्रस्ताव उनके पास पहुंच गए हैं। इन पर सदन में चर्चा होगी। कहा कि पार्षद अपने वार्ड की जनता को पार्किंग सुविधा देने के लिए प्रस्ताव तैयार करें और नगर निगम को भेजें। निगम इनके लिए सरकार से बजट लेगा।
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खाली पार्किंग का दूसरे कामों में होगा इस्तेमाल
नगर निगम शहर में खाली पड़ी कई पार्किंग का सामुदायिक केंद्र, रीडिंग रूम या जिम के तौर पर भी इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। हालांकि इस पर अभी सदन और संबंधित वार्ड पार्षद की सहमति ली जाएगी। निगम प्रशासन के अनुसार कई टेंडर करने के बावजूद इन्हें चलाने के लिए ठेकेदार नहीं आ रहे। ऐसे में इनसे निगम को कोई कमाई नहीं हो रही। इसीलिए स्थानीय पार्षद के सुझाव पर इनका अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल करने पर फैसला लिया जाएगा। इस बार सदन में इसकी चर्चा होगी।
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