फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Councillor will test water weather drinking water is clean or not?

पार्षद बताएंगे, पीने का पानी साफ है या नहीं?

Fri, 20 Jun 2014 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 20 Jun 2014 11:28 PM IST
विज्ञापन
Councillor will test water weather drinking water is clean or not?

‘अमर उजाला’ में 12 जून के अंक में ‘राजधानी में गंदे पानी के धंधे में सबकी आंखें बंद’ शीर्षक से प्रकाशित खबर से नींद में सोया आईपीएच महकमा हरकत में आ गया है। पीलिया की रोकथाम के लिए गठित सब ग्रुप ने नगर निगम को पानी की जांच के लिए फील्ड टेस्ट किट देने का फैसला लिया था।

विज्ञापन


खबर छपने के बाद जागे विभाग ने सब ग्रुप की सिफारिशों पर अमल करना शुरू कर दिया है। फील्ड टेस्ट किट 24 जून को जल भवन कसुम्पटी में बांटी जाएगी। यहीं पर पार्षदों को किट के माध्यम से पानी की जांच का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। किट मिलने के बाद पार्षद अपने स्तर पर रोजाना वार्ड में पानी की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगे।
विज्ञापन


राजधानी में बीते साल पीलिया की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने एक सब ग्रुप गठित किया था। सब ग्रुप ने चार माह तक की जांच में कई क्षेत्रों में काम करने का प्लान तैयार किया था। लेकिन डेढ़ साल बाद भी सब ग्रुप की रिपोर्ट पर काम शुरू नहीं होने की खबर ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित की।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसके बाद विभाग ने फील्ड टेस्ट किट देने का फैसला लिया। इस फैसले के तहत पानी की जांच करने के लिए आईपीएच द्वारा नगर निगम के पार्षदों को 25 फील्ड टेस्टिंग किट दी जाएंगी। इस किट की मदद से पार्षद अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता जांच सकेंगे।

24 जून को होगा प्रशिक्षण, किट मिलेगी

फील्ड टेस्ट किट से पेयजल की गुणवत्ता व शुद्धता की जांच की जाती है। किट के माध्यम से पानी में क्लोराइड, हार्डनेस, आयरन, नाइट्रेट, फ्लोराइड, क्लोरीन, पीएच व टर्बिडिटी जैसे प्रदूषित तत्वों की जांच हो सकेगी। इस किट के माध्यम से सामान्य पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी पानी की गुणवत्ता की जांच कर सकता है।


जल को प्रदूषित करने वाले सभी तत्वों की जांच इस किट से संभव है। जानकारों का कहना है कि प्याले में पानी का नमूना लेने के बाद पांच मिनट तक खुले में रखना होगा। दोबारा इसको यंत्र में डालने के उपरांत प्रपत्र पर अंकित रंग का स्वरूप उसमें उभरकर आ जाएगा। इस प्रकार उसमें शामिल प्रदूषित तत्वों की जांच हो सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed