राहत: नेरचौक मेडिकल कॉलेज में सभी संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव, आठ को छुट्टी
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हिमाचल के लिए लिए राहत भरी खबर है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आईसोलेशन वार्ड में रखे आठ लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद बुधवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। ये सभी लोग हाल ही में विदेशों से लौटे थे। इसलिए इन्हें भारत में आने के बाद से 28 दिन की अवधि पूरी होने तक होम क्वारंटाइन में रहने की हिदायत दी गई है। इन्हें बुधवार जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाए गए वाहनों से उनके घर पहुंचाया गया। इस बीच एक और राहत भरी खबर है।
जिन 2 मामलों की रिपोर्ट का अभी इंतजार था वो भी नेगेटिव आई है। इस तरह अब नेरचौक अस्पताल में कोरोना संदिग्ध का एक भी मामला नहीं है। 10 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, 8 को छुट्टी कर दी गई है, 2 को कल डिस्चार्ज किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में 2 लोग इंस्टीटयूटशनल क्वारंटाइन में रखे गए हैं। ये केवल एहतियातन रखे गए हैं। कोरोना को लेकर इनके सैंपल नहीं लिए गए हैं। यह जानकारी एमएस डा देवेंद्र शर्मा ने दी। वहीं सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 453 विदेशों से आए हैं और 4 हजार लोग बाहरी राज्यों से आए हैं। यह सभी होम क्वारंटाइन में हैं।
99 लोगों की जांच की, 19 के सैंपल लिए गए
कोरोना वायरस को लेकर हिमाचल प्रदेश में बुधवार को 99 लोगों की जांच की गई। 19 लोगों के सैंपल लिए गए। सभी नेगेटिव पाए गए हैं। कोरोना प्रभावित देशों से हिमाचल लौटे 2186 लोगों में से 1373 लोगों को निगरानी पर रखा है। हिमाचल में तीन मामले पॉजिटिव आए हैं। इनमे से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने कहा कि 591 लोगों का निगरानी समय पूरा हो गया है। इन्हें परिवार के लोगों से मिलने की अनुमति दी गई है। 188 लोग हिमाचल छोड़कर बाहर चले गए हैं।
फौजी की रिपोर्ट निगेटिव, प्रशासन ने ली राहत की सांस
शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण का बड़ा खतरा फिलहाल, टल गया है। नाहन आए एक कोरोना संदिग्ध सैन्य जवान की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य लोगों ने राहत की सांस ली है। रिपोर्ट आने से पहले तक प्रशासन सैन्य क्षेत्र के लोग कोरोना संक्रमण की आशंका से डरे हुए थे। जानकारी के अनुसार सेना के एक जवान को 22 मार्च की रात 8 बजे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन लाया गया था। चिकित्सकों ने सैन्य जवान की जांच की। फौरी तौर पर सामने आए लक्षणों के आधार पर जवान के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका जताई गई।
बाद में सेना का जवान राज्य से बाहर सैन्य अस्पताल में उपचार और जांच के लिए रैफर हो गया। बताया जा रहा है कि नाहन से रैफर होने से पहले जवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्टॉफ समेत अन्य करीब 45 लोगों संपर्क में आ चुका था। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन सकते में था। एहतियात के तौर पर कोरोना के संदिग्ध मरीज जवान के संपर्क में आए लोगों की सूची भी तैयार कर ली गई थी। कोरोना की आशंका के चलते विभाग व प्रशासन की नींद उड़ी हुई थी। इस बीच, सैन्य अस्पताल में हुई जांच के बाद उक्त जवान की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस पर शहर में कोरोना संक्रमण का बड़ा खतरा टल जाने से स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से राहत की सांस ली है।
कुल्लू में देश-विदेश से लौटे 233 लोग होम क्वारंटीन
कुल्लू में कोरोना वायरस के खतरे के बीच पुलिस ने 233 लोगों को होम क्वारंटीन किया है। सभी लोग पुलिस की निगरानी में हैं। इनमें 81 लोग ऐसे हैं, जो विभिन्न देशों से आए हैं। 152 लोग देश के विभिन्न राज्यों से लौटकर आएं हैं। पुलिस ने इन सभी लोगों के फोन नंबरों को सर्विलांस पर रखा है और इन लोगों की हर गतिविधियों को चेक किया जा रहा है। इसके लिए पुलिस ने एक टीम का भी गठन किया, जो समय-सयम पर इन लोगों की चेकिंग भी कर रही है। साथ ही बाहर से आने वाले हर शख्स पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस ने इसके लिए जगह-जगह नाके लगाए हैं। यहां पर हर शख्स की पूरी डिटेल ली जा रही है। उन्होंने कहा कि खासकर विदेशों से आए 81 लोग को सख्त हिदायत दी है कि वह कम से कम 14 दिनों तक अपने घर पर ही रहें, ताकि कोरोना के खतरे को कम किया जा सके। एसपी ने कहा कि ये लोग कहां आवाजाही कर रहे है, इसको पूरा देखा जा रहा है। किसी तरह की गड़बड़ी होने पर उन्हें निर्देश भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगाया गया है। ऐसे में लोग घरों से बाहर न निकलें। खुद को भी सुरक्षित रखें और दूसरों को भी सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास करें। किसी भी तरह का नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।