कोरोना वायरस: मंडी जोनल अस्पताल का एक्सरे यूनिट सील, संपर्क में आए 70 से अधिक ट्रेस
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हिमाचल के सरकाघाट के कोरोना संक्रमित युवक की मौत के बाद मंडी जोनल अस्पताल की एक्सरे यूनिट को सील कर दिया गया है। यह एक्सरे यूनिट रेडक्रॉस सोसायटी की है। सोमवार को मंडी अस्पताल में कोरोना संक्रमित का एक्सरे हुआ था। इस दौरान संपर्क में आने वालों को क्वारंटीन करने के बाद प्रशासन अब यह पता लगा रहा है कि सोमवार को संक्रमित के एक्सरे के बाद और मंगलवार तक एक्सरे मशीन में कितने लोगों के एक्सरे हुए।
अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आने वालों को ट्रेस कर एहतियात बरतने की कवायद शुरू हो गई है। करीब 70 प्राइमरी और सेकेंडरी संपर्क में आए लोगों को चिह्नित कर क्वारंटीन किया गया है। इसमें जोनल अस्पताल मंडी, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और सरकाघाट अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ समेत पांच मरीज और 13 रिश्तेदार शामिल हैं। सरकाघाट अस्पताल में बुधवार को आपातकालीन, ओल्ड कफ, कोराना ओपीडी को छोड़ बाकी सभी ओपीडी बंद रहीं।
मंडी आने से पहले युवक सोमवार को सरकाघाट अस्पताल में करीब चार घंटे दाखिल रहा है। इस दौरान वार्ड में दाखिल पांच मरीज संपर्क में आए हैं। प्रशासन ने सभी को क्वारंटीन कर दिया है और जैसे ही इनमें लक्षण दिखाई देंगे, इनकी सैंपलिंग की जाएगी। सीएमओ जीवानंद चौहान ने कहा कि कोरोना मरीज के संपर्क में आए आने वालों को क्वारंटीन कर दिया गया है। सभी को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। इनमें डॉक्टर, नर्सें और अन्य मेडिकल स्टाफ समेत मृतक के रिश्तेदार शामिल हैं। इनमें अगर लक्षण दिखाई देंगे तो इनकी सैंपलिंग की जाएगी।
मंडी में बाहर से आए व्यक्ति के घर वाले भी होंगे क्वारंटीन
जिले में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों के साथ घर के सभी सदस्य भी 14 दिन होम क्वारंटाइन में रहेंगे। जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के खतरे से लोगों की सुरक्षा को नए आदेश जारी किए हैं। दो दिन में मंडी में दो पॉजिटिव केस आए हैं। इनमें संक्रमित किडनी के एक रोगी की मौत हो गई है। दोनों दिल्ली से आए हैं। प्रशासन का दावा है कि इससे बड़े पैमाने पर समुदाय का संक्रमण से बचाव होगा।
उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि होम क्वारंटाइन में रहने वालों को घर से निकलने पर प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित पंचायतें और प्रशासन उनकी जरूरतों का ख्याल रखेंगे। होम डिलीवरी से जरूरी सामान की आपूर्ति की जाएगी। यदि बाहरी राज्य से आया कोई व्यक्ति पूरे परिवार को होम क्वारंटाइन नहीं रहना चाहता हो तो वह स्वयं संस्थागत क्वारंटाइन में रह सकता है।