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संकट के सिपाही : सात युवकों की टीम ने जान हथेली पर रखकर 150 कोविड मृतकों के शवों को जलाया
Wed, 21 Apr 2021 04:28 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी/नेरचौक
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी/नेरचौक
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 21 Apr 2021 04:28 PM IST
सार
जान हथेली पर रखकर 150 से अधिक कोविड मृतकों के शवों को जलाने वाले मंडी के सात युवाओं की टीम के जज्बे को सलाम है। महामारी के इस मंजर में जहां अंतिम लमहों में अपनों का साथ तक नहीं मिलता, वहीं, विकास की सात सदस्यीय टीम शवों के अंतिम संस्कार का काम करती है। ये सभी लोग मेडिकल कॉलेज नेरचौक में आउटसोर्स पर सफाई कर्मी हैं और नेरचौक के ही निवासी हैं।
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कोरोना संकट के सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जान हथेली पर रखकर 150 से अधिक कोविड मृतकों के शवों को जलाने वाले मंडी के सात युवाओं की टीम के जज्बे को सलाम है। महामारी के इस मंजर में जहां अंतिम लमहों में अपनों का साथ तक नहीं मिलता, वहीं, विकास की सात सदस्यीय टीम शवों के अंतिम संस्कार का काम करती है। ये सभी लोग मेडिकल कॉलेज नेरचौक में आउटसोर्स पर सफाई कर्मी हैं और नेरचौक के ही निवासी हैं।
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मृतक के स्वजनों को पीपीई किट पहनाने का काम हो या उन्हें मुंह दिखाने व अंतिम संस्कार के बाद गंगा विसर्जन के लिए अस्थियां चुनने का, इन्होंने कभी अपने काम से मुंह नहीं मोड़ा। विकास के अलावा इस टीम में वीरी सिंह, मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, रोशन लाल, ललित कुमार व चमन लाल शामिल हैं। सभी युवा हैं और कोविड के पहले दौर में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं।
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कभी भी अपने काम से इन्होंने मुंह नहीं मोड़ा। अब कोविड की दूसरी लहर में भी इन कोरोना वॉरियर के इसी जज्बे की समाज को जरूरत है। उल्लेखनीय है कि कोविड के पहले दौर में संक्रमितों के शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के लिए एसडीएम बल्ह डॉ. आशीष शर्मा ने पिछले वर्ष मार्च से लेकर फरवरी 2021 तक मोर्चा संभाले रखा। सात जिलों के 150 से अधिक संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार हो चुुका है। इन्होंने संस्कार के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई, जिसका अनुसरण जिले के अन्य क्षेत्रों में भी हुआ।
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