कोरोना का खौफ: ज्वालाजी में चैत्र नवरात्र पर खुले में नहीं लगेंगे लंगर
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विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में 25 मार्च से दो अप्रैल तक चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिर के आसपास खुले में लंगर लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। शुक्रवार को मंदिर सहायक आयुक्त एवं एसडीएम ज्वालामुखी अंकुश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
निर्णय लिया कि मंदिर भवन में चलने वाले लंगर में कर्मी मास्क, सैनिटाइजर व ग्लब्स का प्रयोग करेंगे। मंदिर में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी प्रतिदिन परिसर व शहर में फॉगिग करेंगे। जल शक्ति विभाग पानी के सभी स्त्रोतों की क्लोरीफिकेशन करेगा।
एक दिन पहले मंडी का भंगरोटू मेला रद्द
कोरोना के खौफ का तर्क देकर नेरचौक उपमंडल प्रशासन ने 14 से 17 मार्च तक मनाए जाने वाले जिला स्तरीय भंगरोटू मेला आयोजन से ठीक एक दिन पहले रद्द कर दिया गया है। प्रशासन ने इसकी सूचना जारी करते हुए कहा कि सरकार के निर्देश हैं कि किसी भी कार्यक्रम में जहां भीड़ इकट्ठी होने के आसार हों, उन आयोजनों को स्थगित या रद्द कर दिया जाए। इसके चलते इस बार जिला मंडी का भंगरोटू मेला नहीं मनाया जाएगा।
कोरोना से बचाव को दियोटसिद्ध मंदिर परिसर में तीन हेल्थ सेंटर खोले
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध में चैत्र मेले शनिवार से शुरू हो रहे हैं। इसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान कोरोना वायरस से बचाव और स्क्रीनिंग के लिए मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में तीन हेल्थ सेंटर खोले हैं। इसके अलावा मंदिर आने वाले दोनों मुख्य मार्गों शाहतलाई और चकमोह स्थित प्रवेशद्वार पर श्रद्धालुओं की उचित तरीके से स्क्रीनिंग होगी।
विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एयरपोर्ट पर उतरने के समय मिलना वाला मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लाना होगा। विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं पर विशेष नजर रखी जाएगी। विदेशी श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। इसके तहत विदेशी श्रद्धालुओं के नाम, पता और मोबाइल नंबर तक की जानकारी एकत्रित की जाएगी।