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आईजीएमसी में अब ऑपरेशन से पहले नहीं होगा कोरोना टेस्ट
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अस्पताल प्रबंधन ने जारी किए दिशा निर्देश, बुखार, खांसी वाले मरीजों के होते रहेंगे टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में ऑपरेशन से पहले अब मरीजों के कोरोना टेस्ट नहीं होंगे। नई गाइडलाइन आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों के इस टेस्ट को करवाना बंद कर दिया है। बाकायदा इसकी सूचना डॉक्टरों को भी जारी कर दी है।
आईजीएमसी के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि जिन मरीजों को बुखार, दर्द या खांसी की शिकायत होगी केवल उनके टेस्ट ही अस्पताल में किए जाएंगे। आईजीएमसी में रोजाना औसतन 60 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। कोरोना फैलने के बाद चिकित्सक ऑपरेशन से 24 घंटे पहले सभी मरीजों के कोरोना टेस्ट करवाते थे। मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही चिकित्सक ऑपरेशन करते थे। यही स्थिति एंडोस्कोपी करवाने आए मरीजों पर भी लागू रहती थी। अब नई गाइडलाइन के बाद इसे बंद कर दिया है। इस कारण कई बार अगली तारीख पर ही मरीज के ऑपरेशन की बारी आती थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में ऑपरेशन से पहले अब मरीजों के कोरोना टेस्ट नहीं होंगे। नई गाइडलाइन आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों के इस टेस्ट को करवाना बंद कर दिया है। बाकायदा इसकी सूचना डॉक्टरों को भी जारी कर दी है।
आईजीएमसी के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि जिन मरीजों को बुखार, दर्द या खांसी की शिकायत होगी केवल उनके टेस्ट ही अस्पताल में किए जाएंगे। आईजीएमसी में रोजाना औसतन 60 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। कोरोना फैलने के बाद चिकित्सक ऑपरेशन से 24 घंटे पहले सभी मरीजों के कोरोना टेस्ट करवाते थे। मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही चिकित्सक ऑपरेशन करते थे। यही स्थिति एंडोस्कोपी करवाने आए मरीजों पर भी लागू रहती थी। अब नई गाइडलाइन के बाद इसे बंद कर दिया है। इस कारण कई बार अगली तारीख पर ही मरीज के ऑपरेशन की बारी आती थी।
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