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Shimla News: चिट्टा तस्करी के मामले में दोषी को दो साल का कठोर कारावास
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तंबाकू के पैकेट में छिपाकर दोषी शिमला ला रहा था चिट्टा, शोघी बैरियर पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
6.69 ग्राम चिट्टा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चिट्टा तस्करी के मामले में अदालत ने दोषी को दो वर्ष के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (स्पेशल जज-दो) शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत रणवीर सिंह को यह सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी से शोघी बैरियर के पास 6.69 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। यह मामला 16 फरवरी 2022 का है। एसआईयू की टीम शोघी बैरियर के पास यातायात जांच और अपराधों की रोकथाम के लिए तैनात थी। शाम करीब 5:40 बजे सोलन की ओर से आ रही एचआरटीसी बस को जांच के लिए रोका गया। बस के अंदर यात्रियों और उनके सामान की जांच के दौरान सीट पर बैठे समरहिल निवासी रणवीर सिंह ने अपनी जैकेट की बाईं जेब से कुछ निकालकर अपने नीचे छिपाने का प्रयास किया। संदिग्ध हरकत देखकर पुलिस को शक हुआ जिसके बाद बस के चालक और परिचालक को स्वतंत्र गवाह के रूप में बुलाया गया।
स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी लेने पर उसके बैठने की जगह से अंशुल ब्रांड का तंबाकू का पैकेट बरामद हुआ। पैकेट की जांच करने पर उसमें तंबाकू, चॉक की एक छोटी शीशी तथा एक प्लास्टिक की पॉलीपैक मिली जिसमें 6.69 ग्राम चिट्टा पाया गया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 21 गवाह अदालत में पेश किए, जिन्होंने अपनी गवाही से मामले की पुष्टि की। बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों में मामूली विरोधाभास का लाभ उठाने का प्रयास किया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
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फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि नशीले पदार्थ युवाओं की पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं और समाज पर इनका गंभीर एवं घातक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी बरतना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट तथा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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6.69 ग्राम चिट्टा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चिट्टा तस्करी के मामले में अदालत ने दोषी को दो वर्ष के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (स्पेशल जज-दो) शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत रणवीर सिंह को यह सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी से शोघी बैरियर के पास 6.69 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। यह मामला 16 फरवरी 2022 का है। एसआईयू की टीम शोघी बैरियर के पास यातायात जांच और अपराधों की रोकथाम के लिए तैनात थी। शाम करीब 5:40 बजे सोलन की ओर से आ रही एचआरटीसी बस को जांच के लिए रोका गया। बस के अंदर यात्रियों और उनके सामान की जांच के दौरान सीट पर बैठे समरहिल निवासी रणवीर सिंह ने अपनी जैकेट की बाईं जेब से कुछ निकालकर अपने नीचे छिपाने का प्रयास किया। संदिग्ध हरकत देखकर पुलिस को शक हुआ जिसके बाद बस के चालक और परिचालक को स्वतंत्र गवाह के रूप में बुलाया गया।
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स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी लेने पर उसके बैठने की जगह से अंशुल ब्रांड का तंबाकू का पैकेट बरामद हुआ। पैकेट की जांच करने पर उसमें तंबाकू, चॉक की एक छोटी शीशी तथा एक प्लास्टिक की पॉलीपैक मिली जिसमें 6.69 ग्राम चिट्टा पाया गया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 21 गवाह अदालत में पेश किए, जिन्होंने अपनी गवाही से मामले की पुष्टि की। बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों में मामूली विरोधाभास का लाभ उठाने का प्रयास किया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
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फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि नशीले पदार्थ युवाओं की पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं और समाज पर इनका गंभीर एवं घातक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी बरतना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट तथा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।