सीएम ने हजारों नर्सों को दिया बड़ा तोहफा, 377 पदों पर भर्ती की भी घोषणा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हजारों नर्सों का आहार भत्ता छह रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने घोषणा की है कि प्रदेश में पांच साल का सेवाकाल पूरा कर चुकीं आरकेएस और अनुबंध नर्सें नियमित होंगी।
नर्सों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय में अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। ये घोषणाएं सीएम वीरभद्र सिंह ने बुधवार को आईजीएमसी शिमला में अंतरराष्ट्रीय नर्र्सेज दिवस के समापन समारोह में कही। सीएम वीरभद्र सिंह ने ये भी घोषणा की कि रोगी कल्याण समिति की ओर से नर्सों को अनुबंध पर रखा जाएगा।
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान कॉलेज एवं अस्पताल शिमला में कहा कि स्वास्थ्य निदेशालय में एक अलग खंड का निर्माण किया जाएगा, जिसमें नर्सों का अपना कार्यालय हो। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी रिक्त पदों को भरने के प्रयास किए जा रहे हैं और इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक स्वास्थ्य संस्थान खोले अथवा स्तरोन्न किए जा रहे हैं।
नर्सों के 377 पद भरेंगे, चयन आयोग को भेजा मामला
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि नर्सों की चिकित्सकों से अधिक जिम्मेवारी होती है, क्योंकि वे रोगियों के इलाज के समय और बाद में एक उपकारी भूमिका का निर्वहन करती हैं। उन्होंने नर्सिंग एसोसिएशन की मांगों का भी समर्थन किया।
कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ के 4025 पद मंजूर करने के अलावा आईजीएमसी शिमला और मेडिकल कालेज नाहन में नर्सों की कमी को पूरा करने के लिए नर्सों के 377 पदों को भरने का मामला राज्य कर्मचारी आयोग हमीरपुर को भेजा गया है।
नर्सों के अलग सेल के लिए धनराशि प्राप्त हो चुकी है तथा इस पर भी विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने आरकेएस नर्सों को अनुबंध पर नियुक्त करने तथा पांच वर्ष सेवाओं के बाद उन्हें नियमित करने की मांग का समर्थन किया।
डॉ. रमेश चंद को अवार्ड
अंतरराष्ट्रीय नर्सिज दिवस के समापन अवसर पर डॉ. रमेश चंद को हरदयाल चौहान मेमोरियल अवार्ड दिया गया।
अब यहां बनेगा आईजीएमसी का ओपीडी ब्लॉक
ऑकलैंड सुरंग के समीप आईजीएमसी का बहुमंजिला ओपीडी खंड जल्द बनकर तैयार होगा। केएनएच में राज्य एवं शिशु अस्पताल बनेगा, जो आईजीएमसी का हिस्सा होगा। यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सिज दिवस के मौके पर आईजीएमसी में कही।
उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में बन रहे सुपर स्पेशियेलिटी ब्लॉक का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। संस्थान को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। आईजीएमसी का अलग से परिसर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि बीमार मरीजों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों में न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि इससे मरीजों का खर्चा भी कम होगा। कहा कि चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ को समर्पण की भावना से कार्य करना चाहिए तथा अपनी कार्यशैली में मानवीय संवेदनाओं को शामिल करना चाहिए।