प्रदेश सरकार की अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी सौगात!
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हिमाचल में सभी सरकारी अनुबंध कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जाएगा। राज्य में इनकी संख्या 15 हजार से अधिक है। हिमाचल सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने इन कर्मचारियों को योजना के दायरे में लाने की सहमति दे दी है। केंद्र ने सभी विभागों से अनुबंध कर्मचारियों का ब्योरा भी मांग लिया है। प्रदेश में अभी तक अनुबंध कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों और संबंधित स्वायत्त संस्थानों के प्रमुखों से अनुबंध कर्मचारियों का जिला वार डाटा मांगा है। स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्यरत आरकेएस अनुबंध कर्मचारियों का भी विवरण मांगा गया है।
अभी तक इस योजना में बीपीएल, मनरेगा कामगार, स्ट्रीट वेंडर, भवन एवं अन्य निर्माण कामगार, 70 फीसदी से अधिक विकलांगता वाले व्यक्ति, फड़ी वाले, ऑटो रिक्शा चालक, टैक्सी ड्राइवर आदि आते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने इसकी पुष्टि की है।
ये मिलेंगे लाभ
बीमा योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को सामान्य पर 30 हजार और गंभीर बीमारी पर 1.75 लाख की कवरेज मिलेगी। बीमा का प्रीमियम भी हिमाचल सरकार देगी।
स्वास्थ्य बीमा कार्ड के पात्र कर्मचारियों से महज 30 रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। इसके बाद सभी कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी होंगे। वे किसी भी सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा ले सकते हैं।
अभी तक प्रदेश के अनुबंध कर्मचारियों को अपनी और परिवार की बीमारी की परिस्थिति में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कर्मचरियों की लंबी मांग को देखते हुए अब सरकार ने इन कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा देने का फैसला लिया है।