सीएम वीरभद्र ने बताया कब होंगे काग्रेंस संगठनात्मक चुनाव
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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर शिमला लौटे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद ही प्रदेश में संगठन के चुनाव होंगे। पार्टी आलाकमान को उन्होंने बताया है कि दोनों चुनाव लगभग एक साथ होने हैं। अगर कार्यकर्ता सारी ऊर्जा संगठन चुनाव में लगाएंगे तो विधानसभा चुनाव में पार्टी पिछड़ सकती है।
सीएम का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व उनकी बात से सहमत है। यह तय है कि अब संगठन के चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होंगे। चुनाव टलने के आधिकारिक निर्देश जल्द जारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष को बदलने को लेकर हाईकमान से कोई बात नहीं हुई।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस की पहली प्राथमिकता विधानसभा चुनाव है। संगठन चुनाव टलने से पार्टी को विधानसभा चुनाव में मजबूती मिलेगी। वे लोकतांत्रिक तरीके से संगठनात्मक चुनाव के पक्ष में हैं। लेकिन संगठन चुनाव में जीत-हार को लेकर कार्यकर्ताओं में मतभेद पैदा हो जाते हैं।
मंत्रिमंडल में बदलाव पर जल्द स्पष्ट होगी स्थिति
यह स्वाभाविक है, लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कार्यकर्ताओं में आपसी दूरी पार्टी को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। चुनाव टलने से प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को खुद ब खुद एक्सटेंशन मिलने के सवाल पर सीएम वीरभद्र ने कहा कि हमने प्रदेश अध्यक्ष बदलने का मामला राहुल गांधी से नहीं उठाया है।
केवल संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया है। हमारा उद्देश्य एकजुट होकर विधानसभा चुनाव में उतरना है। पंजाब और उत्तराखंड की तरह हिमाचल में भी बिना चुनाव के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के स्तर से होते हैं।
हालांकि, ऐसा किसी भी राज्य में हो सकता है। चुनाव से पहले प्रदेश मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह मामला विचाराधीन है। इस मसले पर भी चर्चा हुई है। जल्द आपके सामने स्थिति साफ होगी।