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रामलाल ठाकुर चुनाव प्रबंधन समिति के चेयरमैन, सुरेश चंदेल बने समन्वय समिति के वाइस चेयरमैन
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने नई कमेटी का गठन किया है। प्रचार, घोषणापत्र, समन्वय और प्रदेश चुनाव समिति समेत अन्य समितियों का गठन किया है। इन समितियों में बिलासपुर के तीन नेताओं को शामिल किया गया है, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में शामिल रामलाल ठाकुर को बड़ा झटका लगा है। रामलाल ठाकुर प्रदेशाध्यक्ष बनने के लिए दिल्ली के कई बार चक्कर काट चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके समर्थकों ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मुहिम सोशल मीडिया पर छेड़ रखी थी, जो प्रतिभा सिंह का नाम घोषित होने के बाद थम गई है।
श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक रामलाल ठाकुर को पार्टी हाईकमान ने चुनाव प्रबंधन समिति का चेयरमैन बनाया है। इसके अलावा उन्हें संचालन समिति का सदस्य भी बनाया गया है। रामलाल ठाकुर कांग्रेस सरकार में कानून मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वन मंत्री, बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति के चेयरमैन भी रह चुके हैं। वर्तमान में जिले से कांग्रेस के एकमात्र विधायक हैं। रामलाल ठाकुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी हैं। रामलाल ठाकुर प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने प्रतिभा सिंह को जिम्मेदारी सौंपकर उनके इस सपने पर पानी फेर दिया है।
इसके अलावा तीन साल पहले भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद सुरेश चंदेल को समन्वय समिति का वाइस चेयरमैन बनाया गया है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद चंदेल के पास पार्टी का कोई अहम कार्यभार नहीं था, जिससे वे असंतुष्ट चले रहे थे। वहीं हाल ही में उनकी भाजपा में वापसी की चर्चा भी रही, लेकिन अब कांग्रेस की तरफ से जिम्मेदारी मिलने पर चंदेल की कांग्रेस में ही टिके रहने की संभावना है।
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वहीं, घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से 2007 से लेकर 2017 तक कांग्रेस के विधायक रहे राजेश धर्माणी को अनुसंधान कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। राजेश धर्माणी जिले से कांग्रेस के एकमात्र ऐसे नेता हैं जिनका विवादों से दूर तक कोई नाता नहीं रहा है। धर्माणी की स्वच्छ छवि के चलते ही पार्टी उन्हें लगातार कोई न कोई जिम्मेदारी सौंपती रही है। वे साल 2007-2012, 2012-2017 तक विधायक रहे हैं। वहीं 2012-17 तक मुख्य संसदीय सचिव, वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की ओर से बनाई गई चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष हैं। धर्माणी ने कहा कि पार्टी हाईकमान की तरफ से सौंपी गई हर जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और आगामी विस चुनावों में पार्टी को सत्ता में लाने के लिए कार्य करेंगे।
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श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक रामलाल ठाकुर को पार्टी हाईकमान ने चुनाव प्रबंधन समिति का चेयरमैन बनाया है। इसके अलावा उन्हें संचालन समिति का सदस्य भी बनाया गया है। रामलाल ठाकुर कांग्रेस सरकार में कानून मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वन मंत्री, बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति के चेयरमैन भी रह चुके हैं। वर्तमान में जिले से कांग्रेस के एकमात्र विधायक हैं। रामलाल ठाकुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी हैं। रामलाल ठाकुर प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने प्रतिभा सिंह को जिम्मेदारी सौंपकर उनके इस सपने पर पानी फेर दिया है।
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इसके अलावा तीन साल पहले भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद सुरेश चंदेल को समन्वय समिति का वाइस चेयरमैन बनाया गया है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद चंदेल के पास पार्टी का कोई अहम कार्यभार नहीं था, जिससे वे असंतुष्ट चले रहे थे। वहीं हाल ही में उनकी भाजपा में वापसी की चर्चा भी रही, लेकिन अब कांग्रेस की तरफ से जिम्मेदारी मिलने पर चंदेल की कांग्रेस में ही टिके रहने की संभावना है।
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वहीं, घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से 2007 से लेकर 2017 तक कांग्रेस के विधायक रहे राजेश धर्माणी को अनुसंधान कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। राजेश धर्माणी जिले से कांग्रेस के एकमात्र ऐसे नेता हैं जिनका विवादों से दूर तक कोई नाता नहीं रहा है। धर्माणी की स्वच्छ छवि के चलते ही पार्टी उन्हें लगातार कोई न कोई जिम्मेदारी सौंपती रही है। वे साल 2007-2012, 2012-2017 तक विधायक रहे हैं। वहीं 2012-17 तक मुख्य संसदीय सचिव, वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की ओर से बनाई गई चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष हैं। धर्माणी ने कहा कि पार्टी हाईकमान की तरफ से सौंपी गई हर जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और आगामी विस चुनावों में पार्टी को सत्ता में लाने के लिए कार्य करेंगे।