निष्कासित नेताओं को लेकर कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कही बड़ी बात
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निष्कासितों को लेकर कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस की राज्य प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को चारों सीटों पर जिताना जरूरी है। उन्होंने लोकसभा की चारों सीटों पर पिछली बार हुई हार और विधानसभा चुनाव हारने पर भी अफसोस जताया।
पाटिल ने सोमवार को राजीव भवन शिमला में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कोई भी पार्टी हो, उसमें गुट होते हैं। इन गुटों को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिससे पार्टी को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि वीरभद्र इसलिए बैठक में नहीं आ पाए, क्योंकि वह खुद को कुछ अस्वस्थ बता रहे थे।
वह पार्टी के लिए काम करेंगे। मुकेश अग्निहोत्री भी पत्नी की तबीयत ठीक न होने से बाहर थे। वर्ष 2010 में उन्हें हिमाचल में बतौर चुनाव अधिकारी काम करने का मौका मिला। अब वह हिमाचल में कांग्रेस की प्रभारी बनी हैं तो उनका दायित्व और भी बढ़ गया है।
चंबा से शुरू कर जानूंगी, हर बूथ पर कांग्रेस के कितने सदस्य
रजनी पाटिल ने कहा - 29 जून से चंबा से शुरुआत कर इस बात को जानूंगी कि हर बूथ पर कांग्रेस के कितने सदस्य हैं। दो से ढाई महीने तक पहला चरण पूरा करूंगी। हम पार्टी के तमाम नेताओं से मिलेंगे।
पाटिल ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि जल्दी ही कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व हिमाचल आएगा। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के लोगों को अधिक सक्रिय किया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों ने एक-दूसरे के सिर फोड़ा ठीकरा
विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों ने इसका ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ा। रजनी पाटिल ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बारी-बारी प्रत्याशियों से बात की तो उनमें से कई एक-दूसरे पर दोषारोपण करते ही नजर आए।
एक पूर्व मंत्री ने ईवीएम मशीन में गड़बड़ी की भी आशंका जताई। एक अन्य पूर्व मंत्री ने प्रदेश के एक दिग्गज कांग्रेस नेता पर उनके खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी उतारने की शिकायत की।