तो क्या होटल बन जाएगा कांग्रेस संस्थापक का घर?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंग्रेजों के शासनकाल में भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक एओ ह्यूम का निवास रहे ‘रोथनी कैसल’ को होटल में बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
ह्यूम पर शोध कर चुके इतिहासकार प्रो. एसआर मेहरोत्रा का आरोप है कि इस बंगले को होटल में बदलने के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके विरोध में उन्होंने सरकार को बाकायदा पत्र लिखा है। राज्य सरकार के अफसर इस मामले में कुछ कहने को तैयार नहीं हैं।
रोथनी कैसल बंगला रिज मैदान से जाखू मंदिर के रास्ते में है। वर्तमान में इसके मालिक राजेश मोहन हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। इस बंगले को होटल बनाने की योजना चल रही है।
कांग्रेस सरकार ने ही दी मंजरी
शिमला निवासी भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला के फेलो एवं इतिहासकार प्रो. एसआर मेहरोत्रा के अनुसार उन्हें यह सुनकर झटका लगा है कि सरकार ने रोथनी कैसल के मालिक को पूरा ढांचा गिराने और इस साइट को होटल में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि इस भवन में एओ ह्यूम लंबे समय तक रह चुके हैं। उधर, नगर निगम शिमला के डिप्टी मेयर टिकेंद्र सिंह पंवर कह रहे हैं कि इस हेरिटेज भवन को होटल में बदलने के लिए सरकार की मंजूरी की सूचना उन्हें भी मिली है।
कांग्रेस संस्थापक के घर पर ऐसा फैसला कांग्रेस सरकार पर ही सवाल खड़े कर रहा है।
पक्षी पालते थे ह्यूम
रोथनी कैसल को शीशे वाली कोठी भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर ह्यूम ने एक ग्लास हाउस बना रखा था। इसमें उन्होंने कई प्रजाति के पक्षियों को पाल रखा था। उन्होंने कई तरह की जड़ी-बूटियां और पेड़-पौधे उगा रखा था।
इसी भवन में हुई थी कांग्रेस की परिकल्पना
प्रो. एसआर मेहरोत्रा का कहना है कि रोथनी कैसल में कभी भारत सरकार में कृषि सचिव रहे एलेन ओक्टेवियन ह्यूम (एओ ह्यूम) रहते थे। ह्यूम पहले यहां 1870 से 1879 के बीच रहे। इसके बाद 1882 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से 1894 तक भी वे इस भवन में रहे।
वर्ष 1884 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की परिकल्पना भी उन्होंने इसी भवन में की। यह बंगला 1906 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव का आधिकारिक पता रहा। यह भवन लगभग 130 साल पुराना है।