HRTC की नई बसों की खुली पोल, शिकायतों का लगा अंबार
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नई बसें खरीदकर एचआरटीसी भले ही बसों की संख्या बढ़ा रहा हो, लेकिन बसों में यात्री सुविधाओं का स्तर गिरता जा रहा है। कुछ समय पहले टाटा एसीजीएल की 370 नई बसों को एचआरटीसी ने अपने बड़े में शामिल किया। साथ ही इन बसों का प्रदेश के अलग-अलग रूटों पर संचालन भी शुरू कर दिया गया।
संचालन शुरू होने के बाद निगम ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर लोगों से नई बसों के बारे में उनकी राय मांगी। एचआरटीसी ने कभी नहीं सोचा होगा कि कमेंट करने वाले उनकी नई नवेली बसों की सुविधाओं की धज्जियां उड़ा देंगे। सोशल मीडिया पर अकेले एचआरटीसी के ही पेज पर सैकड़ों लोगों ने कमेंट किए। अधिकतर लोगों ने न सिर्फ बसों में आरामदायक सीटों की कमी की बात कही।
बल्कि कइयों ने तो इन्हें पुरानी बसों को नए कलेवर में पेश करने की बात तक कह दी। सीटिंग कंफर्ट को लेकर शिकायतों के सामने आने के बाद अब निगम प्रबंधन कंपनी से संपर्क कर रहा है। निगम के एमडी अशोक तिवारी ने कहा कि लोगों से सीटिंग कंफर्ट को लेकर आई ढेरों शिकायतों को लेकर कंपनी से बात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो जरूरी बदलाव के लिए भी कंपनी को कहा जाएगा ताकि लोगों को सफर के दौरान बैठने में असुविधा न हो।
पहले परिवार सहित बसों में सफर करें मंत्री
फेसबुक यूजर दविंदर चौधरी जट्टान ने कहा कि अगर बसों की खरीद के समय जिम्मेदार अफसरों ने दिमाग का उपयोग नहीं किया। बसों में सफर करने वाले असली यात्रियों से एक दो बसों को चलाकर फीडबैक लिया जाता तो यह समस्या न आती। जट्टान ने आगे लिखा कि हरियाणा रोडवेज खुद अपनी वर्कशॉप में बाडी तैयार करता है, जिसकी वजह से यात्रियों की सुविधा के हिसाब से वह जरूरी बदलाव भी कर लेता है।
हिमांशु राणा ने कहा कि सीटों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, क्या एचआरटीसी इस बारे में कुछ कार्रवाई करेगा। अनिल राज ने लिखा कि सीटिंग के लिहाज से हरियाणा की बसें हिमाचल की बसों से ज्यादा अच्छी हैं। परिवहन मंत्री, एमडी और अधिकारियों को परिवार सहित इन लोकल बसों पर लंबा सफर करना चाहिए, तब उन्हें यात्रियों को हो रही दिक्कतों का पता चलेगा।