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Shimla News: कंपनी को इंटरनेट कनेक्शन बहाल करने का आदेश, जुर्माना भी लगाया

Fri, 24 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:59 PM IST
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Company ordered to restore internet connection; fine also imposed.
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने सेवाओं में कमी पर कसा शिकंजा, बार-बार बाधित हो रही थी सेवाएं
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शिकायत के बावजूद कनेक्शन नहीं किया ठीक
रुचि सांख्यान
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने सेवा में कमी और अनुचित व्यावसायिक प्रथा के एक मामले में रिलायंस जियो फाइबर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता का जियो फाइबर कनेक्शन तुरंत और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बहाल करे ताकि वह बिना किसी बाधा के इंटरनेट सेवाओं का उपयोग कर सके। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपये की एकमुश्त मुआवजा राशि देने का भी आदेश दिया है। लोअर भराड़ी शिमला निवासी उपभोक्ता प्रतिमा चौहान ने 2 मार्च 2025 को जियो फाइबर की छह माह की सेवाओं के लिए 2,824 रुपये का अग्रिम भुगतान किया था। शिकायत के अनुसार 9 अप्रैल 2025 को उनका इंटरनेट कनेक्शन बाधित हो गया जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। कंपनी के एक कर्मचारी ने घर आकर वायर टूटने की बात स्वीकार की और जल्द समस्या दूर करने का आश्वासन दिया, लेकिन तकनीकी खराबी को ठीक नहीं किया गया। उपभोक्ता ने बार-बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। हर बार शिकायत के समाधान का संदेश भेजा गया, लेकिन इंटरनेट सेवा बहाल नहीं हुई।
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लगातार समस्या बने रहने पर उपभोक्ता को मजबूरन जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुनवाई के दौरान रिलायंस जियो फाइबर की ओर से दलील दी कि उपभोक्ता स्वयं अपनी शिकायतें रद्द कर देती थीं और उनकी समस्या का समाधान कर दिया था। हालांकि आयोग ने पाया कि कंपनी अपने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या उस तकनीकी कर्मचारी का हलफनामा प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिसने मौके पर जाकर मरम्मत कार्य किया हो। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की पीठ ने स्पष्ट किया कि कंपनी यह साबित करने में विफल रही कि उपभोक्ता की शिकायत का उचित और प्रभावी ढंग से निवारण किया गया था। आयोग ने इसे सेवा में स्पष्ट कमी माना और कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिन के भीतर आयोग के निर्णय का पालन करे।
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