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वाणिज्य मंत्रालय ने लाखों बागवानों को दिया झटका
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 23 May 2016 10:56 AM IST
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि देश में विदेशी सेब पर आयात शुल्क नहीं बढ़ेगा।
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देश में विदेशी सेब पर आयात शुल्क नहीं बढ़ेगा। इसके विपरीत मौजूदा सेब आयात शुल्क को भी कम करने की तैयारी है। पीएमओ के निर्देश पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने इस पर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है। केंद्र के इस रुख से सेब उत्पादक राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को तगड़ा झटका लग सकता है।
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वर्तमान में आयात शुल्क की दर 50 प्रतिशत है। इसके बावजूद विदेशों से खूब सेब आ रहा है। आयात शुल्क कम होने पर पहाड़ी राज्यों के सेब को मार्केट में कड़ी स्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। इससे दामों पर भी असर पड़ेगा। हिमाचल फल, फूल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सेब आयात शुल्क पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।
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पीएमओ ने इस पत्र को आगे वाणिज्य मंत्रालय को भेजा तो अवर सचिव संदीप वर्मा ने इस पर स्थिति साफ की है। जवाब मिला है कि सेब पर आयात शुल्क का बाउंड रेट 50 प्रतिशत है। मौजूदा हालात में इसे 50 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है। डब्ल्यूटीओ की दोहा राउंड की वार्ताओं का दौर चल रहा है।
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इसी बीच विकासशील देशों को सीलिंग टैरिफ रेट को घटाने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि, विशेष उत्पाद घोषित करना भी एक ऑप्शन है। जो उत्पाद विशेष श्रेणी के होंगे, उनका टैरिफ बहुत कम घटाने या नहीं घटाने का अवसर रहेगा। सभी देशों के उत्पादों की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें विशेष श्रेणी में रखने का मौका दिया गया है।
संबंधित देश इनका चयन खुद करेंगे। दोहा राउंड की वार्ताएं संपन्न होने पर अगर सेब को विशेष श्रेणी उत्पाद घोषित किया जाता है तो ही इस पर आयात शुल्क की दर को घटाने की भारत पर कोई बाध्यता नहीं होगी। बता दें कि हिमाचल समेत अन्य सेब उत्पादक राज्य केंद्र सरकार से सेब आयात शुल्क बढ़ाने की बरसों से मांग करते आ रहे हैं।