फॉरेस्ट गार्ड की हत्या हुई तो जागे सीएम वीरभद्र, कर दिया ये एलान
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अगर ये ऐलान पहले कर देते तो शायद एक ईमानदार फॉरेस्ट गार्ड की हत्या न होती। मंडी जिले के सेरी कतांडा जंगल में युवा फॉरेस्ट गार्ड को मारकर उल्टा लटकाने की घटना को बेहद दुखद करार देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वन रक्षकों को अब हथियारों से लैस किया जाएगा।
फॉरेस्ट गार्डों की सुरक्षा पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। हत्या केस की पुलिस जांच कर रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान शनिवार को उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा वन माफिया के खिलाफ रही है। वन माफिया पर कार्रवाई भी कांग्रेस सरकार ने ही शुरू की है।
उधर, सज्जाओपिप्लू में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सूबे में सरकार बनाने का भाजपा का सपना कभी पूरा नहीं होगा। कांग्रेस दोबारा सत्तासीन होगी। वह 25 साल की उम्र से राजनीति में हैं। उन्होंने हमेशा गरीब आदमी के लिए नीति बनाई है।
बिना भेदभाव विकास करवाया है। कांग्रेस ने पार्टीबाजी से उठकर विकास किया है जबकि भाजपा श्रेय बटोरने के लिए कार्य करती है। सीएम ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल आपूर्ति में सरकार ने बेहतरीन काम करके जनता को लाभ पहुंचाया है।
वनरक्षक की मौत पर भाजपा ने सरकार पर उठाए सवाल
करसोग में फॉरेस्ट गार्ड की हत्या को लेकर भाजपा की प्रदेश इकाई ने वीरभद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पेड़ पर अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करते गार्ड होशियार सिंह की लाश नहीं, बल्कि प्रदेश की नकारा वीरभद्र सरकार उल्टी लटकी हुई है।
कहा कि गार्ड की निर्मम हत्या करके उसके शव को पेड़ पर टांग देना क्रूरता की इंतहा है। बिंदल ने कहा कि वन विभाग में कार्यरत एक युवा फॉरेस्ट गार्ड हत्या बड़े माफिया गिरोह के समर्थन के बिना संभव नहीं है। भाजपा आरोप लगाती रही है कि प्रदेश में वन माफिया का बोलबाला है।
इस हत्या ने भाजपा के आरोपों को सही साबित कर दिया है। उन्होंने वन मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। कहा कि पार्टी ने जब भी विभाग के भ्रष्टाचार और माफियाराज पर उंगली उठाई है, सरकार ने वन माफिया को संरक्षण दिया है। मांग की कि इस निर्मम हत्या की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।