'धूमल ने बनाए झूठे मामले, मैं चाहूं तो 10 गुना ज्यादा केस बनाऊं'
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल जब भी मुख्यमंत्री बने उन पर झूठे केस बनाए। एक थानेदार की तरह उन्होंने अपनी पावर का इस्तेमाल किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार सहनशीलता वाले व्यक्ति हैं।
मैं चाहूं तो दस गुना अधिक केस कर सकता हूं लेकिन ऐसा नहीं करूंगा। अरुण जेटली, धूमल और अनुराग उन्हें फंसाने में लगे हुए हैं। वह सिरमौर के सराहां में वामन द्वादशी मेले के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने वामन द्वादशी मेले को राज्य स्तर का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। कहा कि धूमल जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उन पर सीडी केस बनाया गया। दूसरी बार फिर झूठे केस में फंसाया जा रहा है। शांता कुमार जब भी मुख्यमंत्री बने, उन्होंने बदले की राजनीति से काम नहीं किया।
किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में नाहन में धन-बल से चुनाव जीता गया। यहां के लोगों पर बाहर के व्यक्ति को जिताने का दाग लगा है जिसे इस बार स्थानीय व्यक्ति को जिताकर धोना होगा।
चिटों पर भर्ती साबित करे भाजपा, नहीं तो करेंगे कानूनी कार्रवाई
ख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भाजपा नेता ये साबित करें कि नौकरियां चिटों पर दी जा रही हैं। अगर वे ये साबित नहीं कर पाएंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चिटों पर नौकरी देने की ये परंपरा और सिलसिला तो भाजपा की देन रही है।
भाजपा के कार्यकाल में ही ऐसी भर्तियां हुई हैं। वर्तमान में भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग, स्टाफ सेलेक्शन कमीशन और जो भर्ती के लिए कमेटियां बनाई जाती हैं, उनके माध्यम से की जा रही हैं। सीएम वीरभद्र सिंह बुधवार को शिमला के गेयटी थियेटर के बाहर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सुक्खू को हटाने के लिए नहीं लिखा पत्र, बदलाव जरूरी नहीं
पिछले कई दिनों से चल रही अफवाहों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को हटाने के लिए हाईकमान को कोई पत्र नहीं लिखा है।
कांग्रेस पार्टी संगठन के मौजूदा ढांचे में उन्होंने किसी भी तरह का असंतोष नहीं जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संगठन को अधिक मजबूत करने की जरूरत है। इसका मतलब बदलाव नहीं, बल्कि ज्यादा लोगों को पार्टी में शामिल करने से है।
शांता बताएं उनकी समस्या दूर कर देंगे, मनकोटिया पर बुढ़ापे का असर
हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों पर सरकार का ध्यान नहीं होने के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के आरोप पर सीएम वीरभद्र सिंह हंसते हुए बोले कि ऐसा कुछ नहीं है। ये समस्या हो सकता है कि पालमपुर में हो। ये हमारे ध्यान में नहीं है।
अगर ऐसा है तो शांता बताएं, हम उनकी समस्या को दूर कर देंगे। मेजर विजय सिंह मनकोटिया के सरकार के अफसरों के मनमाने रवैये के आरोप पर सीएम मुस्कराते हुए बोले कि जब बुढ़ापा आता है तो ऐसा होता है यानी गुस्सा आता है।
जल्दी होगा मुख्य सूचना आयुक्त का चयन
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुख्य सूचना आयुक्त का चयन जल्द किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र फैसला होगा।
राष्ट्रीय भाषा पर करें गर्व, हिंदी में अच्छी शब्दावली अपनाएं
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिंदी दिवस पर कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय भाषा पर गर्व होना चाहिए और हिंदी की अच्छी शब्दावली को अपनाकर अपनी भाषा शैली को समृद्ध बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को शिमला के गेयटी थियेटर में हिंदी दिवस और राजभाषा पुरस्कार समारोह में ये बात कही। सीएम ने विद्यार्थियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को हिंदी राजभाषा पुरस्कार भी वितरित किए।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल हिंदी भाषी राज्य है और राज्य सरकार ने वर्ष 1976 में कार्यालय के दैनिक कार्यों में हिंदी भाषा का प्रयोग करने के निर्देश जारी किए थे। राज्य सरकार ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित कर रही है जो कार्यालय कार्यों में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग कर रहे हैं। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने भी इस मौके पर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव अनुराधा ठाकुर ने हिंदी दिवस के महत्व और विभाग की अन्य गतिविधियों के अलावा हिंदी के प्रोत्साहन के लिए की जा रही पहल पर प्रकाश डाला। कला, भाषा एवं संस्कृ ति विभाग की निदेशक शशि ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर भाषा कला एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष प्रेम शर्मा और सचिव अशोक हंस भी उपस्थित रहे।
दो पुस्तकों का लोकार्पण भी किया सीएम ने
सीएम वीरभद्र सिंह ने इस मौके पर एक स्मारिका, गोपाल दिलैक की पुस्तक ‘हिमालय में संस्कृति के रंग’ और गुरमीत बेदी के कहानी संग्रह का विमोचन भी किया। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स भी इस अवसर पर उपस्थित थीं तथा उन्होंने भी पुरस्कार वितरित किए।