फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CM Virbhadra Singh Property Case hearing at Delhi High Court.

वीरभद्र ने कोर्ट में सीबीआई जांच पर उठाए सवाल, बताया गलत

Fri, 16 Sep 2016 10:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 16 Sep 2016 10:01 AM IST
विज्ञापन
CM Virbhadra Singh Property Case hearing at Delhi High Court.

हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी ने अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की ओर से की गई प्रारंभिक जांच प्रक्रिया को गलत बताया है। उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि यह संघीय ढांचे के खिलाफ है।

विज्ञापन


ऐसे में सीबीआई की जांच को गलत ठहराते हुए उनके खिलाफ दायर प्राथमिकी को रद्द किया जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई अब 23 सितंबर तय की है यानी इस अवधि तक सीबीआई उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर नहीं कर पाएगी।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति विपिन सांघी के समक्ष मुख्यमंत्री व उनकी पत्नी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि सीबीआई ने अपनी जांच के संबंध में राज्य पुलिस को सूचना नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत सीबीआई केंद्र शासित प्रदेश व अन्य राज्य में जांच कर सकती है, लेकिन इसके लिए उसे राज्य पुलिस को सूचना देकर उनकी अनुमति लेना अनिवार्य है। इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

वीरभद्र की ओर से वकील ने दिए ये तर्क

CM Virbhadra Singh Property Case hearing at Delhi High Court.
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : फाइल फोटो

सवाल उठाते हुए सिब्बल ने कहा कि सीबीआई ने किस आधार पर जांच की। एजेंसी का कहना है कि जिस दौरान चेक काटे गए उस समय वीरभद्र केंद्रीय मंत्री थे और वह जांच कर सकती है। लेकिन यहां सवाल उठता है कि क्या चेक के समय के आधार पर जांच का अधिकार क्षेत्र तय किया जा सकता है।

जांच में जिन संपत्ति का जिक्र है वह सब हिमाचल में हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के बेटे के नाम दिल्ली स्थित महरौली का फार्म हाउस उनके केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल के बाद लिया गया। वहीं जिस बैंक में राशि का भुगतान हुआ वह हिमाचल में है।
 
उन्होंने जांच की अवधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह मई 2009 से 2012 के बीच केंद्रीय मंत्री रहे जबकि जांच में मार्च माह के बाद से संपत्ति का आकलन है। ऐसे में यह गलत है।

दलील सुनने के बाद कोर्ट ने ये कहा

CM Virbhadra Singh Property Case hearing at Delhi High Court.

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल के दौरान अर्जित की गई संपत्तियों की तो जांच की ही जा सकती है। इतना ही नहीं इतिहास गवाह है कि अभियोजन की जांच से किसी नेता के सियासी सफर पर असर नहीं पड़ता।

अब अदालत ने मामले की सुनवाई 23 सितंबर तय की है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वीरभद्र सिंह की याचिका पर एक अक्तूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में उनकी गिरफ्तारी, पूछताछ या अदालत की अनुमति के बिना इस मामले में सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दी थी। सीबीआई ने जांच पूरी कर अब आरोपपत्र दायर करने की इजाजत मांगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed