सीएम ने खुद बताया, सीबीआई को छापे में घर से क्या मिला?
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पहली बार पब्लिक के सामने बताया कि सीबीआई को छापे में उनके घर से क्या मिला? उन्होंने कहा प्रदेश भाजपा ने केंद्र सरकार के प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी बेटी की शादी के दिन सीबीआई छापेमारी करवाई। लेकिन मेरे घर पर पानी और बिजली बिल के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा।
वीरभद्र ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र सांसद अनुराग ठाकुर पर ताबड़तोड़ हमला करते हुए दोनों को खुदा के कहर से डरने की नसीहत दी। उन्होंने अरुण धूमल पर भी तल्ख टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट में मानहानि केस में राहत मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवाल केस के पीछे प्रदेश भाजपा का हाथ था। किसी भी व्यक्ति के पास इतना पैसा और समय नहीं होता कि वह सुप्रीम कोर्ट तक इस तरह के केस को लेकर जाए।
कहा, रात भर सो नहीं पाते अनुराग-धूमल
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा देश के सभी प्रधानमंत्री महापुरुष रहे हैं। सीबीआई छापेमारी को वीरभद्र ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आयकर ट्रिब्यूनल, हिमाचल हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद सीबीआई की कार्रवाई समझ से परे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी वजह से धूमल और अनुराग बेचैन हैं। रात भर सोते नहीं और मुंगेरी लाल की तरह मेरे ही सपने देखते रहते हैं। हर बार कांग्रेस विधायकों के संपर्क में होने की बात कहकर सरकार गिरने के बयान देते हैं। वीरभद्र ने कहा कि उनके पास पूर्ण बहुमत है। पूर्व में वे भी विपक्ष में रहे लेकिन कभी सरकार गिरने की बयानबाजी नहीं की।
'सरकारी संपत्ति हड़पने नहीं दूंगा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि धूमल परिवार फले-फूले लेकिन एचपीसीए के नाम पर सरकारी संपत्ति हड़पने नहीं दूंगा। एचपीसीए को कभी कंपनी तो कभी एसोसिएशन बनाकर करोड़ों की सरकारी जमीन को कौड़ियों के भाव लीज पर हासिल कर लिया। एसोसिएशन के 50 में से महज आठ सदस्य ही हिमाचली हैं।
बाकी सब जालंधर से हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का हिप्र. सहकारी सभाएं अधिनियम के तहत पंजीकरण होना चाहिए। विधायक संजय रत्न, सीपीएस आईडी लखनपाल, पूर्व विधायक उर्मिल ठाकुर, आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा और वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया आदि इस मौके पर मौजूद रहे।
सीएम के पास मेरी संपत्ति का लेखा-जोखा है तो सार्वजनिक करें: धूमल
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शनिवार को देहरा में पत्रकार वार्ता में कहा कि लंबे समय से वीरभद्र सिंह यह कहते आ रहे हैं कि उनके पास धूमल की संपत्ति का पूरा लेखा-जोखा है लेकिन वह कभी भी इसे सार्वजनिक नहीं करते। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि एफिडेविट देकर सामने आएं, ताकि उन्हें भी अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी मिल सके।
एक तरफ वीरभद्र सिंह कहते हैं कि धूमल का कोई वजूद नहीं है, दूसरी ओर वह आरोप लगा रहे हैं कि उनके खिलाफ सीबीआई की जांच धूमल के कहने पर हुई है, जो उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री उन्हें शांता कुमार से नैतिकता की सीख लेने की दुहाई दे रहे हैं।
लेकिन जब शांता उन्हें नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने की सलाह देते हैं तो उस पर अमल नहीं करना चाहते। धूमल ने कहा कि कर्ज के बोझ तले दबी प्रदेश सरकार पर इस समय अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। उनके साथ देहरा के विधायक ठाकुर रविंद्र सिंह रवि उपस्थित रहे।