उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के बाद हिमाचल में मचा हड़कंप
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उत्तराखंड में दूध की जली कांग्रेस अब छांछ को भी फूंक-फूंककर पीने की रणनीति पर चल रही है। कांग्रेस आलाकमान को आशंका है कि अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार गिराने के बाद हिमाचल प्रदेश को निशाना बनाया जा सकता है। लिहाजा पार्टी के दिग्गज कुनबा संभालने की कोशिश में जुट गए हैं।
इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर राज्य और पार्टी की ताजा स्थिति की जानकारी दी है। सीएम के साथ कांग्रेस महासचिव और हिमाचल प्रभारी अंबिका सोनी भी थीं। सोनिया से मुलाकात के तुरंत बाद वीरभद्र हिमाचल लौट गए। वहां विधानसभा का सत्र चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि सोनिया ने वीरभद्र से हिमाचल कांग्रेस में पार्टी की एकता के बारे में भी जानकारी ली।
गौरतलब है कि हिमाचल में कांग्रेस में मुख्यमंत्री के विरोधियों का एक गुट रहा है। इनमें एक-दो मंत्री भी शामिल हैं। हालांकि जब मुख्यमंत्री के आवास पर सीबीआई के छापे पड़े तो संकट की घड़ी में सभी मंत्रियों और विधायकों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र के समर्थन में एकजुटता दिखाई थी। लेकिन पार्टी फिलहाल कोई जोखिम नहीं लेना चाहती, लिहाजा राज्य के सियासी हालात पर आलाकमान की नजरें जमीं हैं।
सीएम वीरभद्र पर चल रहा आय से अधिक संपत्ति का मामला
महासचिव अंबिका सोनी को सभी पक्षों से लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर आरोप लगाए हैं।
सीएम ने हर मंच से यह कहा है कि चूंकि उन्होंने क्रिकेट में घोटाले की जांच कराई इसलिए उनसे बदला लिया जा रहा है। सीएम ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री भाजपा पर उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन साथ ही यह भी कहते रहे हैं कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है।
कांग्रेस के विधायक भाजपा के संपर्क में नहीं : सुक्खू
हिमाचल में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत है। उसके पास 36 विधायक हैं और चार आजाद विधायकों का भी समर्थन कांग्रेस को है। इस तरह 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। वर्तमान में पार्टी में विद्रोह जैसी स्थिति नहीं दिखती है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखबिंद्र सिंह सुक्खू इस बात से इनकार करते हैं कि कांग्रेस का कोई विधायक भाजपा के संपर्क में है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कुछ विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं।
सोनिया से मिले वीरभद्र, अंबिका भी रहीं मौजूद
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार सुबह ‘दस, जनपथ’ जाकर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। उनके साथ हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी और एआईसीसी महासचिव अंबिका सोनी भी मौजूद रहीं। सीएम वीरभद्र सिंह ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने हिमाचल की कांग्रेस सरकार को मजबूत करार दिया।
मुख्यमंत्री रविवार शाम को ही ऊना से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। नई दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस सुप्रीमो से मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो सीएम वीरभद्र सिंह से इस दौरान सोनिया गांधी ने प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इसके अलावा उत्तराखंड मामले के बाद हिमाचल के सियासी हालात की भी जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ ईडी कार्रवाई को भी सोनिया गांधी ने दुर्भाग्यजनक मानते हुए प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में संतोष जताया है। वहीं, शिमला लौटने के बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि ये एक शिष्टाचार भेंट थी।
उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में एक अस्पताल में गए थे। वहां मेदांता में एक निकट संबंधी से मिलने गए थे। वहीं से ‘दस, जनपथ’ भी चले गए। एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने के भाजपा के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा लाख कोशिश कर ले, ऐसा कुछ होगा नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्र्रेस का कोई भी विधायक सरकार से असंतुष्ट नहीं है। हालांकि, सीएम वीरभद्र सिंह ने इस मौके पर उत्तराखंड प्रकरण पर कोई टिप्पणी नहीं की।
सरकार स्थिर, भाजपा लाख कोशिश कर ले- दिल्ली से शिमला लौटने के बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी से उनकी शिष्टाचार भेंट थी। वे दिल्ली में मेदांता अस्पताल में अपने एक निकट के संबंधी से मिलने गए थे। वहीं से ‘दस, जनपथ’ भी चले गए।
एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने के भाजपा के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। भाजपा लाख कोशिश कर ले, ऐसा कुछ होगा नहीं। कांग्र्रेस का कोई भी विधायक सरकार से असंतुष्ट नहीं है। हालांकि, सीएम वीरभद्र सिंह ने उत्तराखंड प्रकरण पर कोई टिप्पणी नहीं की। जाने से पहले नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने की सलाह दी। शर्मा ने कहा कि घबराए और बौखलाए मुख्यमंत्री केंद्र सरकार और भाजपा पर उल्टे-सीधे आरोप लगा रहे हैं। शर्मा ने कहा कि ईडी और सीबीआई की जांच में वीरभद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि हो चुकी है।
ईडी ने तो उनकी दिल्ली की संपत्ति भी जब्त की है। उन्हें पता है कि आरोपों की पुष्टि के बाद उनका जेल जाना तय है। मुख्यमंत्री को खुद पता है कि अब वह जेल जाने से नहीं बच सकते। शर्मा ने हिमाचल में सरकार गिराने संबंधी आरोपों का खंडन किया।