दिल्ली पहुंची लड़ाई, आज मोदी से मिलेंगे वीरभद्र सिंह
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। उनके साथ हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष सुखबिंद्र सिंह सुक्खू भी थे। वीरभद्र से जुड़े सूत्रों ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया है। आज वीरभद्र सिंह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात तय है।
समझा जाता है कि इस मुलाकात के दौरान वह आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बारे में बातचीत करेंगे। वीरभद्र आरोप लगाते रहे हैं कि उनके खिलाफ बदले की भावना के तहत कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वीरभद्र सिंह प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं।
इधर, सीएम के खिलाफ उग्र हुई भाजपा
वहीं, हिमाचल के भाजपा नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर सीएम वीरभद्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के बाद शांता कुमार ने कहा कि वीरभद्र से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में पुख्ता सबूत हैं।
आय का स्रोत न बताए जाने से ही साफ है कि वह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। शांता ने कहा कि अब वीरभद्र के समक्ष नैतिक आधार पर पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।
चोरी और सीनाजोरी के बाद राजनीतिकरण का आरोप
राज्य प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस पर चोरी और सीनाजोरी करने और भ्रष्टाचार के मामलों में घिरने के बाद इसका राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र के खिलाफ सबूतों के अंबार के बावजूद कांग्रेस कार्रवाई नहीं कर रही है। कांग्रेस नेतृत्व दोहरा मापदंड अपना रहा।
सीएम पर लगाए गए हैं ये बड़े आरोप
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि वीरभद्र सिंह पर केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए दिसंबर 2010 में इस्पात इंडस्ट्रीज नाम उद्योग से 2 करोड़ 80 लाख रुपये लेने के आरोप लगे। इस कारण उनका विभाग बदलकर उन्हें महत्वहीन विभाग दे दिया गया था।
वीरभद्र सिंह ने केंद्र में मंत्री रहते हुए वर्ष 2008 से 2011 के बीच अपने व अपने परिवार का बीमा करवाने के लिए 6 करोड़ 50 लाख की एकमुश्त किश्त नकद एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खाते में डाल दी। जब इस राशि के स्रोत की छानबीन होने लगी तो वीरभद्र सिंह ने 2 मार्च 2012 को वित्त वर्ष 2008-09, 2009-10 और 2010-11 की अपनी आयकर रिटर्न को संशोधित किया।
सेब के बगीचों की आय 47 लाख 35 हजार से बढ़ाकर 6 करोड़ 56 लाख दर्शा दी। जून 2011 से नवंबर 2011 के बीच वक्कामुल्ला चंद्रशेखर के बैंक खातों से वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में 5 करोड़ 90 लाख रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।