{"_id":"58c001114f1c1b683ddc4ad0","slug":"cm-virbhadra-singh-announcement-on-women-day-at-shimla","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला दिवस पर सीएम ने महिलाओं की मदद के लिए की बड़ी घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला दिवस पर सीएम ने महिलाओं की मदद के लिए की बड़ी घोषणा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार जल्द ही महिला हेल्पलाइन नंबर शुरू करेगी। बुधवार को ऐतिहासिक गेयटी थियेटर शिमला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा हेल्पलाइन नंबर 181 महिलाओं के लिए मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा मानवाधिकार, मानव सभ्यता और आत्म सम्मान के प्रति एक जघन्य अपराध है। राज्य सरकार इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
वीरभद्र सिंह ने कहा कि पुलिस बल में महिला कांस्टेबलों और उप निरीक्षकों के लिए 20 प्रतिशत पद अनिवार्य किए गए हैं। वर्तमान में पांच महिला पुलिस थानों के अलावा शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा में महिला पुलिस बलों से सुसज्जित चार मानव तस्करी रोधी दल भी कार्यरत हैं।
विज्ञापन
महिलाएं समाज की आधार हैं। महिलाओं को सुरक्षा और न्याय प्रदान करने के लिए राज्य महिला आयोग और नारी सेवा सदन प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंग अनुपात को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार की पहल मुस्कान ने बेहतरीन कामयाबी हासिल की है।
सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना ने कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने में सफलता हासिल की है। सरकार ने प्रसव पूर्व लिंग जांच अधिनियम को सख्ती के साथ लागू किया है। यदि कोई भी व्यक्ति इसका उल्लंघन करने में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर अधिनियम के अनुसार सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल की मुस्कान नामक एक पुस्तक के अलावा विभाग की उपलब्धियों को दर्शाती एक अन्य पुस्तक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया।
इससे पूर्व, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की प्रधान सचिव अनुराधा ठाकुर ने विभाग के कार्यों से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। इस अवसर पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, महापौर संजय चौहान, जिला परिषद अध्यक्ष धर्मिला हरनोट, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष किरण धांटा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
मुस्कान फिल्म से दूर किया लिंग भेद
शिमला। कार्यक्रम के दौरान मुस्कान नामक एक फिल्म दिखाकर लिंग भेद की समस्या को दूर करने का आह्वान किया गया। मुस्कान प्रोजेक्ट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर की एक पहल है। मानसी सहाय ठाकुर ने इस फिल्म का निर्माण बिलासपुर के उपायुक्त पद पर रहते हुए किया था।
घोषणा का इंतजार करती रहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स
शिमला। राज्य स्तरीय महिला दिवस के कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 18925 आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात 37 हजार से अधिक आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय बढ़ने की घोषणा होना संभावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मानदेय की चर्चा भी नहीं की। संभावना जर्ताई जा रही है कि बजट भाषण में ही मुख्यमंत्री मानदेय बढ़ाने की घोषणा करेंगे।