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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- तीन बिजली प्रोजेक्ट लेने के लिए हाईकोर्ट में दायर करेंगे पुनरीक्षण याचिका

Fri, 20 Sep 2024 11:27 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 20 Sep 2024 11:27 AM IST
सार

सरकार 210 मेगावाट की लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-एक, 66 मेगावाट के धौलासिद्ध और 382 मेगावाट के सुन्नी जल विद्युत प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेने के लिए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर करेगी।

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CM sukhvinder Sukhu said will file a review petition in the High Court to take three power projects
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर राज्य के अधिकारों के साथ समझौता नहीं होने देगी। सरकार 210 मेगावाट की लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-एक, 66 मेगावाट के धौलासिद्ध और 382 मेगावाट के सुन्नी जल विद्युत प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेने के लिए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर करेगी। हिमाचल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कंपनियां सरकार की शर्तों को स्वीकार नहीं करती हैं तो परियोजनाओं का सरकार अधिग्रहण करेगी। राज्य में हाल के वर्षों में निवेश में कमी आई है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिशा में आवश्यक कानूनी संशोधन किए जा रहे हैं। सरकार वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए कल्याणकारी योजना शुरू करने पर भी विचार कर रही है। पूर्व जयराम सरकार से विरासत में मिली आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए वित्तीय अनुशासन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रक्तदान करने वाले अधिवक्ताओं और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया। तीन हजार करोड़ रुपये हर साल मिलेंगे

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इन प्रोजेक्ट को हासिल करेगी प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संसाधनों का इस्तेमाल कर एसजेवीएनएल 50 हजार करोड़ की कंपनी बन गई है। उक्त परियोजनाएं जिंदगी भर के लिए उसको दे दी गई। पानी हमारा है, जिसका कुछ नहीं मिलेगा। 40 साल बाद मुफ्त रॉयल्टी देने की बात कर रहे हैं। उससे बात बनने वाली नहीं है। अगर तीनों प्रोजेक्ट हमें मिलते हैं तो तीन हजार करोड़ रुपये हर साल मिलेंगे। लीज नियमों को बदल दिया गया। हम गरीब प्रदेश के लोग नहीं हैं। यहां 28 लाख परिवार हैं और 22 लाख गाड़ियां हैं। जिनके पास पढ़ने के लिए पैसे तक नहीं होते। सरकार ने उनका भी ख्याल रखा है। उन्होंने फिर दोहराया कि प्रदेश में कोई आर्थिक संकट नहीं है। 

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