Himachal: विरोध के बीच पीरियड आधारित गेस्ट शिक्षक भर्ती नीति पर आगामी आदेशों तक रोक
प्रदेश में गेस्ट शिक्षकों की भर्ती को लेकर हो रहे विरोध के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस नीति को लागू करने पर फिलहाल रोक लगा दी है।
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हिमाचल प्रदेश में गेस्ट शिक्षकों की भर्ती को लेकर हो रहे विरोध के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस नीति को लागू करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। शनिवार को सरकारी आवास ओकओवर शिमला में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भ्रम फैलाना ठीक नहीं है। विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए यह फैसला लिया गया है। जल्द ही शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के साथ चर्चा करने के बाद इस नीति पर विचार किया जाएगा। जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कानूनी पहलुओं को देखते हुए सार्थक सोच के साथ यह निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेस्ट शिक्षक मामले में भ्रम फैलाया गया है।
गेस्ट शिक्षकों की सेवाएं केवल अध्यापक के तबादला होने या अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में ही ली जाएंगी। इनके चयन के लिए मेरिट को विशेष अधिमान दिया गया है। विपक्ष युवाओं को केवल गुमराह कर रहा है और केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस निर्णय की निंदा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक जब छुट्टी पर जाते हैं तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। तबादले हाेने पर भी पढ़ाई प्रभावित होती है। इसको देखते हुए अस्थायी व्यवस्था बनाने के लिए गेस्ट शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं। पीरियड आधार पर यह भर्ती करनी है। कॉलेजों में नेट और सेट पास करने वाले युवाओं की सेवाएं ली जाएंगी।
स्कूलों में बारहवीं कक्षा में 75 फीसदी अंक और बीएड में 65 फीसदी अंक प्राप्त करने वालों को गेस्ट शिक्षक नियुक्त करना है। उन्होंने कहा कि जेओए आईटी भर्ती को लेकर राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और सभी कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां तथ्यहीन हैं। ऐसी बातों का कोई आधार नहीं है। प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील है और इस दिशा में सार्थक सोच से उचित निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा कि कुछ मंत्रियों से जाकर मिलो। मैंने कहा था कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत विस्तृत चर्चा की जाएगी। अभ्यर्थियों ने जब पूछा कि क्या हम मंत्रियों से मिलें, तब मैंने कहा कि हां आप मिलो, यह आपका अधिकार है। सुक्खू ने कहा कि भर्ती परिणाम निकालने के लिए गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के प्रति लोगों में उत्साह
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के प्रति प्रदेशभर में लोगों में खासा उत्साह है। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के परिवर्तनकारी निर्णयों और उनके सकारात्मक परिणामों से लोगों को अवगत करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की सही जानकारी प्राप्त कर अब प्रदेशवासियों को निसंदेह विश्वास हो गया है कि भाजपा ने हमेशा हिमाचल के हितों की अनदेखी की है और अभी भी वह प्रदेश व यहां के लोगों के साथ खड़ी नहीं है।