हिमाचल विस बाल सत्र: सीएम सुक्खू बोले- हमने आपको सुना ही नहीं, आपसे सीखा भी है
सीएम ने कहा कि बाल सत्र में भाग लेने वाले बच्चे सौभाग्यशाली हैं। युवाओं के लिए राजनीति में काफी अवसर हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश विधानसभा में बाल सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमने आपको सुना ही नहीं, आपसे सीखा भी है। बच्चों के सवाल नए हिमाचल की नींव रखते हैं। उनके सवाल-जवाब देखकर यह विश्वास और दृढ़ हुआ कि हिमाचल का भविष्य सुरक्षित है। सफलता का रास्ता सीधा नहीं है। इसके लिए परिश्रम जरूरी है। ‘बच्चों की सरकार कैसी हो’ विषय पर आयोजित बाल सत्र में ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। बच्चों ने शिक्षा के सुधार और लोगों की समस्याओं पर अनेक प्रश्न पूछे।
सीएम ने कहा कि सरकार विशेष बच्चों पर भी ध्यान दे रही है। प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ रूप में अपनाया गया है। बाल सत्र में भाग लेने वाले बच्चे सौभाग्यशाली हैं। उन्हें लगभग 98 वर्ष पहले बने इस कौंसिल चैंबर में विचार रखने का मौका मिला। यह भवन कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों का गवाह रहा है। कहा कि उन्होंने छात्र जीवन के दौरान 17 वर्ष की आयु में कक्षा प्रतिनिधि का चुनाव लड़ा था। आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में जनता की सेवा करने का मौका मिला है।
युवाओं के लिए राजनीति में काफी अवसर हैं। कहा कि वर्तमान सरकार ने हिमाचल को ‘ग्रीन एनर्जी स्टेट’ बनाने की परिकल्पना को साकार करने के लिए बजट में कई प्रावधान किए हैं। एचआरटीसी की डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों में बदला जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके लिए 300 करोड़ का प्रावधान किया है। इन स्कूलों में खेल मैदान के साथ आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
सीएम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी ने संविधान में संशोधन कर महिलाओं के लिए पंचायतीराज संस्थाओं में आरक्षण का प्रावधान किया। उन्होंने देश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) युग की शुरुआत की। आज देश के आईटी प्रोफेशनल दुनिया में भारत का नाम ऊंचा कर रहे हैं। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।