CM Sukhu: 'कांग्रेस ने हमीरपुर से बनाया मुख्यमंत्री, जिले के लालची विधायकों को नहीं आया रास'
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के पक्ष में प्रचार प्रसार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रो. प्रेम कुमार धूमल दो बार मुख्यमंत्री रहे, तीसरी बार भी वह घोषित मुख्यमंत्री थे, लेकिन राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें हराया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हमीरपुर सदर से विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के प्रचार के लिए दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को बल्ह से प्रचार अभियान शुरू किया। बलोह, नाहलवीं और धरोग आदि जगहों पर मुख्यमंत्री ने जहां विपक्ष में बैठी भाजपा पर कई सियासी हमले किए वहीं, हमीरपुर सदर से बीजेपी के प्रत्याशी आशीष शर्मा पर भी नुक्कड़ सभाओं में कई आरोप जड़े।
'आपदा में केंद्र ने नहीं दी कोई सहायता'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने कांग्रेस सरकार के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया और केंद्र से आर्थिक सहायता लेने के आग्रह पर भी उन्होंने साथ देने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में 22 हजार लोग सड़कों पर आ गए, लेकिन केंद्र की तरफ से कोई सहायता नहीं आई। आपदा प्रभावित लोगों को बसाने के लिए कानून बदलकर आर्थिक सहायता डेढ़ लाख से बढ़ाकर सात लाख कर दी।
बलोह, हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा जी को विधायक बनाने की अपील की। यहाँ की देवतुल्य जनता का स्नेह, समर्थन बता रहा है कि ये लोग कांग्रेस प्रत्याशी को अपना विधायक चुनने और जनगद्दार उम्मीदवार को उसके किये का अंजाम बताने के लिए… pic.twitter.com/IcZeyYdtjH
विज्ञापन विज्ञापन— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 3, 2024
'प्रेम कुमार धूमल को राजनीतिक साजिश के तहत हराया'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर के निर्दलीय पूर्व विधायक आशीष शर्मा विधायक रहते मुझसे टेंडर मांगते रहे और लोगों से कहा कि मुख्यमंत्री काम नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि प्रो. प्रेम कुमार धूमल दो बार मुख्यमंत्री रहे, तीसरी बार भी वह घोषित मुख्यमंत्री थे, लेकिन राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें हराया गया। कांग्रेस हाईकमान ने 75 साल में पहली बार निचले हिमाचल से मुख्यमंत्री बनाया वह भी हमीरपुर से, लेकिन सत्ता के लालची जिला के तीन पूर्व विधायकों को यह रास नहीं आया।
'पेपर बिकते रहे, जयराम सोए रहे'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में हमीरपुर अधीनस्थ चयन बोर्ड में पेपर बिकते रहे और जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते सोए रहे। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद चयन बोर्ड को भंग किया और पेपर बेचने वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा। जयराम ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनके समय की सारी भर्तियां कोर्ट में लटकी रहीं, हमारी सरकार ने सही तरीके से कोर्ट में पैरवी कर रिजल्ट निकालने और नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की है। हमने 14 महीने में 22 हजार सरकारी भर्तियां निकाली हैं, जयराम सरकार ने 5 साल में मात्र 20,000 हजार सरकारी नौकरियां दीं।
'आशीष शर्मा ने इस्तीफा देने का रचा ड्रामा'
इस अवसर पर कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. पुष्पेंदर वर्मा ने कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा विधायक पद से इस्तीफा देकर फिर विधायक का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने इस्तीफा देने का ड्रामा रचा है। इस दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक सुरेश कुमार, एआईसीसी पर्यवेक्षक राकेश मिश्रा, राजकुमार, इत्यादि मौजूद रहे।