CM Sukhu: 'हर गांव में होगा प्राकृतिक खेती भंडार, दस मंडियों में बिकेंगे उत्पाद, चिन्हित किए जाएंगे स्थान'
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि मंडियों में प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए स्थान चिहिन्त किए जाएंगे और हर पंचायत से 10 किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्टअप योजना में पैदा होने वाले प्राकृतिक उत्पादों को बेचने के लिए मंडियों में स्थान चिन्हित किए जाएंगे। प्रदेश सरकार पहले चरण में राज्य की 10 मंडियों में प्राकृतिक खेती उत्पाद की बिक्री की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। मंडियों में प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए स्थान चिहिन्त किए जाएंगे और हर पंचायत से 10 किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना में प्रदेश के हर गांव में प्राकृतिक खेती भंडार खोलने के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्टअप योजना में लगभग 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना से जुड़ने वाले किसानों की ओर से प्राकृतिक रूप से तैयार गेहूं को 40 रुपये और मक्की को 30 रुपये प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। देश में गेहूं और मक्की पर दिया जाने वाला यह सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा।
1,78,643 किसान परिवारों ने अपनाई प्राकृतिक खेती
प्रदेश के 1,78,643 किसान-बागवान परिवारों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। प्रदेश में 24,210 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में वित्त वर्ष 2023-24 में 1275.31 लाख रुपये खर्च कर 37,087 किसानों को लाभान्वित किया गया और 13,176 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक भूमि के अधीन लाया गया है।