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HP Assembly: सीएम सुक्खू की दो टूक, सरकार की शर्तों पर ही बनेंगे बल्क ड्रग फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क

Wed, 21 Feb 2024 07:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 21 Feb 2024 07:36 PM IST
सार

प्रदेश में बल्क ड्रग फार्मा पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क सरकार अपनी शर्तों पर ही बनाएगी। सरकार को हिमाचल प्रदेश के हित भी देखने हैं। किसी भी पार्क को बंद करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। 

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cm Sukhu said Bulk Drug Pharma Park and Medical Device Park will be set up only on the conditions of the gover
विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू का संबोधन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग फार्मा पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क सरकार अपनी शर्तों पर ही बनाएगी। सरकार को हिमाचल प्रदेश के हित भी देखने हैं। किसी भी पार्क को बंद करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान दोनों पार्क को एक रुपये लीज पर दी जमीन और जीएसटी में दी दस साल की छूट को लेकर पूर्व सरकार को घेरा। पूर्व की जयराम सरकार पर हिमाचल के हितों को बेचने के आरोप भी लगाए। दोनों पार्क के निर्माण में हो रही देरी और मुख्यमंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष ने सदन में खूब नारेबाजी की।

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सदन से विपक्ष के सदस्यों ने वाकआउट किया
प्रश्नकाल समाप्त होते ही सदन से विपक्ष के सदस्यों ने वाकआउट किया। भाजपा विधायक बिक्रम सिंह के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क में 400 एकड़ जमीन एक रुपये पर जमीन दी गई। मुफ्त में पानी देना है। तीन रुपये यूनिट पर बिजली भी देनी है। भारत सरकार ने इसे विकसित पर केवल 100 करोड़ रुपये देने हैं। उद्याेग मंत्री इस पर काम कर रहे हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क को अपनी शर्त पर विकसित करेंगे। जिसमें हिमाचल के हित हाेंगे।
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ऊना के हरोली में बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए 1,400 एकड़ जमीन एक रुपये की लीज पर दी जानी है। इसमें भारत सरकार ने 1,000 करोड़ देने हैं। डीपीआर बनेगी तो 923 करोड़ रुपये हिमाचल सरकार देगी। सात रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी जा रही है। इसे तीन रुपये प्रति यूनिट देना है। दस साल तक जीएसटी छोड़ दी है। दोनों ही पार्क बसेंगे, लेकिन इन्हें बसाने के लिए राज्य सरकार की अपनी शर्तें होंगी। इनके लिए अच्छी कंपनियों को लाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद नारे लगाते हुए प्रश्नकाल के बाद सदन से बाहर चले गए।
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निर्माण में तेजी लाए सरकार, 20 हजार को मिलेगा रोजगार : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। कोविड के हालात में प्रधानमंत्री ने निर्णय लिया है कि कैसे अपने पांव पर खड़े हों। तीन बल्क ड्रग्स फार्मा पार्क बनाने की बात हुई। हिमाचल जैसे छोटे राज्य को यह परियोजना ऐसे नहीं मिली है। इसके लिए अधिकारियों ने दिन-रात मेहनत की है। डेढ़ साल बाद भी सरकार यह तय नहीं कर पा रही कि निर्माण राज्य सरकार को करना है या किसी और से कराना है। उन्होंने कहा कि इस पार्क में 20 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार भी मिलना है।
 

बल्क ड्रग पार्क के लिए बनाए तीन विकल्प : हर्षवर्धन
भाजपा विधायक ब्रिकम सिंह के मूल सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए तीन विकल्प सुझाए गए हैं। फैसला सरकार को करना है और इसके लिए जल्द कैबिनेट में चर्चा होगी। पहला विकल्प या तो राज्य सरकार एक हजार करोड़ रुपये का इसमें निवेश कर स्वयं निर्माण करे, या फिर किसी कंपनी के साथ करार कर इसका निर्माण करे। दूसरे विकल्प में 51 फीसदी की हिस्सेदारी सरकार रखे और और 49 फीसदी की हिस्सेदारी निजी कंपनी को दे। तीसरा विकल्प पीपीपी मोड का है। इन पार्कों का कार्य पारदर्शिता के साथ किया है। भारत सरकार की गाइडलाइन के आधार पर कार्य हो रहा है। पूर्व सरकार ने जाते-जाते इसका शिलान्यास किया था, लेकिन औपचारिकताएं पूरी नहीं की। राज्य सरकार औपचारिकताओं को पूरा कर रही है। बल्क ड्रग पार्क के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए दस्तावेज जमा करवा दिए हैं और मार्च में जन सुनवाई होगी। इस पार्क में जो ट्रीटमेंट प्लांट बनना है, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। पार्क का प्रोजेक्ट 1,923 करोड़ रुपये का है और इसके लिए केंद्र ने 225 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। बल्क ड्रग पार्क गुजरात और आंध्र प्रदेश को भी मिला है। हिमाचल की इन राज्यों से स्पर्धा है। प्रदेश के कच्चे माल को लाना भी बहुत मुश्किल है। अगर चीन या अन्य देशों से सामग्री आएगी तो पचास ट्रक ताे ठोस कचरा के हाेंगे। यह बहुत ही तकनीकी काम है। सात-आठ किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इस पार्क को चलाना सरकार के वश की बात नहीं है। अगर इस प्रोजेक्ट में और देरी हुई तो निवेशक भी मिलना मुश्किल होंगे। जल्द ही कैबिनेट बैठक में फैसले लिए जाएंगे।
 

कांगड़ा में एक उद्योग को एसजीएसटी में छूट देने के मामले में गरमाया सदन
कांगड़ा में एक उद्योग का 250 फीसदी एसजीएसटी माफ किए जाने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। बिक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि हिमाचल में जमीनें बेची जा रही हैं। स्क्रैब पाॅलिसी नहीं बन रहीं है। इसके पीछे कौन नेता है, जो पॉलिसी बनने नहीं दे रहा है। सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला को बदनाम कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस उद्योग से जमीन के 30 करोड़ लिए गए। उद्योग में 7 रुपये पर यूनिट बिजली दी जा रही है। सेस भी लगाया गया है। पूर्व भाजपा सरकार ने 500 करोड़ की जमीन को एक रुपये लीज पर दे दी। सीएम ने कहा कि किसी भी उद्योग से जीएसटी तब मिलता है, जब उसके उत्पाद का हिमाचल में उपभोग होता है।
 

गलत हुआ होगा तो जेल भेजने से पीछे नहीं हटेंगे
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इंडो फार्मा कंपनी को लेकर कहा कि वह जानकारी हासिल करेंगे। कहीं गलत हुआ होगा तो उसे जेल भेजने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारी चयन आयोग में गलत हुआ था और गलत करने वालों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

बिक्रम बोले, अगर गलत हूं मुझे जेल भेजें या आप जाएं
बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि अगर मैं गलत बोल रहा हूं, मुझे जेल भेजें या खुद जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर गलत नहीं किया है तो जेल नहीं भेजूंगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों को लेकर ए, बी, सी श्रेणी में एसजीएसटी में राहत दी जाती है। जहां कोई उद्योग नहीं लगाना चाहता है। वहां सरकार की कोशिश है कि वहां उद्योग लगाने को लोग तैयार हों और एसजीएसटी में राहत दी जाएगी।

सीपीएस रामकुमार, बिक्रम के बीच तकरार
चर्चा के दौरान विधायक बिक्रम ठाकुर की ओर से लगाए गए आरोपों पर मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार ने सवाल खड़े किए। राम कुमार ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष के बारे में कुछ नहीं कहा है। इस दौरान दोनों के बीच नोकझोंक हुई। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह साबित भी होने चाहिए। उद्योग क्यों पलायन हो रहे हैं। इसकी वजह का पता लगाया जाना चाहिए। अगर उद्योगपति उत्पीड़त होकर पलायन कर रहे हैं तो इसकी जानकारी सदन में रखी जानी चाहिए। सदन में व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

विस पहुंचे हर्ष महाजन, जयराम ठाकुर के साथ किया लंच
 राज्यसभा के लिए भाजपा के उम्मीदवार हर्ष महाजन बुधवार को प्रदेश विधानसभा परिसर पहुंचे। महाजन ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा विधायकों के साथ लंच किया। उल्लेखनीय है कि भाजपा विधायक दल ने हर्ष महाजन को कांग्रेस के प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया है।
संसदीय मामलों पर सुक्खू ने कुलदीप पठानिया से की चर्चा
 हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार दोपहर के भोजन के समय संसदीय मामलों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। 

पेंशन को 50 से 30 प्रतिशत करने का विचार नहीं : सुक्खू
धर्मशाला के कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कर्मचारियों की पेंशन को 50 से 30 प्रतिशत करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अपने कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से अपने कर्मचारियों को मूल वेतन के 34 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है। महंगाई भत्ते की देयता सरकार की वित्तीय स्थिति पर निर्भर करेगी। 

सरचू में अस्थायी पुलिस पोस्ट, शिंकुला में बनेगी ट्रैकर हट
लद्दाख के साथ अंतरराज्यीय सीमा विवाद के चलते प्रदेश सरकार ने लाहौल-स्पीति के सरचू में अस्थायी पुलिस पोस्ट और शिंकुला में ट्रैकर हट बनाने का फैसला लिया है। लाहौल-स्पीति से विधायक रवि ठाकुर के प्रश्न के लिखित जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरचू और शिंकुला में जम्मू-कश्मीर (मौजूदा लद्दाख यूटी) के साथ सीमा विवाद और अतिक्रमण के चलते मामला जम्मू-कश्मीर (मौजूदा लद्दाख यूटी) प्रशासन और केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया था, लेकिन इसे लेकर जम्मू-कश्मीर (मौजूदा लद्दाख यूटी) प्रशासन के ढिलमुल रवैये के चलते मामला लटकता रहा। प्रदेश सरकार भारत के महासर्वेक्षक के सर्वे मानचित्रों के अनुसार अंतरराज्यीय सीमाओं की निशानदेही करवाना चाहती थी लेकिन जम्मू-कश्मीर (मौजूदा लद्दाख यूटी) ने सहयोग नहीं किया। पुलिस और वन विभाग ने सरचू और शिंकुला में अस्थायी तौर पर पुलिस पोस्ट और ट्रैकर हट बनाने का प्रस्ताव दिया है।

मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के 14,955 आवेदन लंबित
 प्रदेश में मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत 14,955 आवेदन लंबित हैं। भाजपा विधायक राकेश जम्वाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिसंबर 2022 से 15 जनवरी 2024 तक कुल 755 गैस कनेक्शन इस योजना के तहत प्रदान किए गए हैं। गृहिणी सुविधा योजना मई 2018 को शुरू की गई थी। दिसंबर 2022 तक कुल 3,43,817 गैस कनेक्शन पात्र लाभार्थियों को जारी किए गए हैं। 


 

एनपीएस कर्मचारियों के 9 हजार करोड़ राशि दिलवाएं : लखनपाल
 बजट चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। सीमित साधनों के बावजूद सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत दी है। उन्होंने कहा कि आपदा से हुए नुकसान से उबरने के लिए अभी भी करोड़ों रुपये की जरूरत है। भाजपा कर्मचारियों का मामला उठा रही है, उन्हें केंद्र सरकार से एनपीएस कर्मचारियों के 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिलवानी चाहिए।

मैं सही को सही, गलत को गलत कहता हूं : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा मैं सही को सही, गलत को गलत कहने में विश्वास रखता हूं। उन्होंने कहा सरकार ने विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में यह बजट पेश किया है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर अनेक कदम उठाए हैं। कुछ निर्णय ऐसे भी हो सकते हैं, जो किसी को कड़वे लग रहे हो। उन्होंने कहा कि बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया। केंद्र से प्रदेश को मिली आर्थिक सहायता पर श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर आए हैं। प्रदेश की चारों सीट पर कांग्रेस जीत का परचम लहराएगी।

झूठ की नींव पर कांग्रेस आई सत्ता में : जम्वाल
भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि झूठ की नींव पर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है। हर क्षेत्र में विकास ठप पड़े हैं। उन्होंने बजट को खोखला और आंकड़ों का मायाजाल बताया। कर्मचारी, पेंशनर्स और बेरोजगार युवा सड़कों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पुरानी सरकार को कोसना बंद करें। जनता ने जो वायदे किए हैं, वे निभाएं।

हड़ताल करने वाले कर्मचारियों, बेरोजगारों की सुनवाई नहीं : हंस राज
विधायक हंस राज ने कहा कि कांग्रेस सरकार में हड़ताल करने वाले कर्मचारियों और बेरोजगारों की सुनवाई तक नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार में खींचतान जारी है। ऐसे में प्रदेश का विकास नहीं होने वाला है। उन्होंने चुराह विधानसभा से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। हंसराज ने कहा की बजट में एक दो जगह को छोड़कर चंबा उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के डिवीजन और सब डिवीजन की मांग की। अस्पताल और स्कूल में रिक्त पदों को भरने का मामला उठाया।

बजट में हर वर्ग को छुआ : नंदलाल
कांग्रेस विधायक नंदलाल ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री ने सराहनीय बजट पेश किया है। वहीं, कांग्रेस विधायक ने भी बजट को सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में हर वर्ग को छुआ है। कर्मचारी, महिला, युवा, शिक्षक, किसान, बागवान को बजट में कुछ न कुछ दिया गया है।

कटवाल ने उठाया विस्थापितों का मामला
भाजपा विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि पौंग बांध के विस्थापित का मामला उठाया। अभी तक प्रभावितों को बसाया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि बजट में ऐसा कुछ नही है, जिसकी सराहना की जा सके।

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