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हेल्पलाइन पर झूठा जवाब देने पर सीएम कार्यालय ने जलशक्ति विभाग से मांगी रिपोर्ट
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युवक मंडल धलाया की बंद पड़ी सिंचाई योजना की शिकायत का मामला
शिमला। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा पर सिंचाई से जुड़ी शिकायत का झूठा जवाब देने पर जलशक्ति विभाग के अधिकारी फंस सकते हैं। सीएम कार्यालय ने इस मामले पर जलशक्ति विभाग से रिपोर्ट तलब की है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री के आईटी सेल ने जलशक्ति विभाग के इंजीनियर इन चीफ को इस मामले की जांच करने और इसकी रिपोर्ट सीएम कार्यालय को देने को कहा है। इसकी ई-मेल शिकायतकर्ता मनोहर शर्मा को भी की है। धामी उपमंडल के तहत आने वाले धलाया गांव में सिंचाई परियोजना को लेकर युवक मंडल अध्यक्ष मनोहर शर्मा ने 24 फरवरी को सीएम हेल्पलाइन सेवा पर शिकायत दी थी। इनका कहना था कि साथ लगते नाले से गांव के लिए सरकार ने एक सिंचाई योजना चलाई थी लेकिन साल 2010 से यह बंद पड़ी है। इसे चालू किया जाए।
योजना का पानी गांव तक पहुंचाने के लिए पाइप बिछने हैं जिससे तीन सौ से अधिक आबादी वाले गांव को सिंचाई की सुविधा मिल जाएगी। लेकिन जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने इस शिकायत पर गंभीरता तक नहीं दिखाई। पाइप बिछाए बिना ही विभाग के अधिकारियों ने गांव में पानी पहुंचाने का दावा कर दिया था। यही नहीं 24 मार्च को शिकायत भी बंद कर दी। युवक मंडल ने विभाग के जवाब पर सवाल उठाए थे। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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झूठा जवाब देने वालों पर हो कार्रवाई : अध्यक्ष
युवक मंडल धलाया के अध्यक्ष मनोहर शर्मा ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन सेवा पर प्रदेश की लाखों जनता का भरोसा है। यदि इस तरह के फर्जी जवाब देकर काम चलता रहा तो इससे जनता का भरोसा उठ जाएगा। झूठा जवाब देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि उन्हें अब जलशक्ति विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।
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शिमला। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा पर सिंचाई से जुड़ी शिकायत का झूठा जवाब देने पर जलशक्ति विभाग के अधिकारी फंस सकते हैं। सीएम कार्यालय ने इस मामले पर जलशक्ति विभाग से रिपोर्ट तलब की है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री के आईटी सेल ने जलशक्ति विभाग के इंजीनियर इन चीफ को इस मामले की जांच करने और इसकी रिपोर्ट सीएम कार्यालय को देने को कहा है। इसकी ई-मेल शिकायतकर्ता मनोहर शर्मा को भी की है। धामी उपमंडल के तहत आने वाले धलाया गांव में सिंचाई परियोजना को लेकर युवक मंडल अध्यक्ष मनोहर शर्मा ने 24 फरवरी को सीएम हेल्पलाइन सेवा पर शिकायत दी थी। इनका कहना था कि साथ लगते नाले से गांव के लिए सरकार ने एक सिंचाई योजना चलाई थी लेकिन साल 2010 से यह बंद पड़ी है। इसे चालू किया जाए।
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योजना का पानी गांव तक पहुंचाने के लिए पाइप बिछने हैं जिससे तीन सौ से अधिक आबादी वाले गांव को सिंचाई की सुविधा मिल जाएगी। लेकिन जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने इस शिकायत पर गंभीरता तक नहीं दिखाई। पाइप बिछाए बिना ही विभाग के अधिकारियों ने गांव में पानी पहुंचाने का दावा कर दिया था। यही नहीं 24 मार्च को शिकायत भी बंद कर दी। युवक मंडल ने विभाग के जवाब पर सवाल उठाए थे। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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झूठा जवाब देने वालों पर हो कार्रवाई : अध्यक्ष
युवक मंडल धलाया के अध्यक्ष मनोहर शर्मा ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन सेवा पर प्रदेश की लाखों जनता का भरोसा है। यदि इस तरह के फर्जी जवाब देकर काम चलता रहा तो इससे जनता का भरोसा उठ जाएगा। झूठा जवाब देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि उन्हें अब जलशक्ति विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।