हमने कर ली है पानी की व्यवस्था, जल्द होगी सप्लाई सुचारु - जयराम
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राजधानी शिमला में पेयजल संकट को खत्म करने के लिए सरकार ने ठोस प्लानिंग कर ली है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि शिमला में पेयजल सप्लाई के लिए व्यवस्था बना ली है।
उन्होंने दावा किया कि जल्द ही संकट का समाधान हो जाएगा। शिमला के लिए तीन कूहलों से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक कूहलों से सप्लाई ली जाएगी उस दौरान फसलों के होने वाले नुकसान की एवज में वहां के बाशिंदों को मुआवजा दिया जाएगा।
गिरी नदी में भी पानी का अतिरिक्त सोर्स चिन्हित कर दिया है। इससे तुरंत शहर में सप्लाई बढ़ाई जाएगी। पेयजल संकट को लेकर मुख्यमंत्री दिनभर मुख्य सचिव से अपडेट लेते रहे। ज्यादा प्रभावित जिलों सोलन, मंडी, शिमला, सिरमौर की स्थिति पर पल पल का अपडेट सीएम ने खुद लिया।
पेयजल सप्लाई को सुचारु बनाने के लिए कई विकल्प तलाशे
पेयजल सप्लाई को लेकर दिनभर चली कसरत से संतुष्ट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अमर उजाला को बताया कि सरकार राजधानी समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में पेयजल संकट को लेकर बेहद गंभीर है।
राजधानी शिमला के लिए पेयजल सप्लाई को सुचारु बनाने के लिए कई विकल्प तलाशे लिए हैं। गुम्मा स्कीम की तीन कूहलों की सप्लाई के लिए वहां के बाशिदों से बातचीत कर उन्हें पेयजल सप्लाई में पानी देने को मना लिया गया है।
संचाई नहीं होने से फसलों के नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि एक बड़ी राहत गिरी नदी में मिले नए सोर्स से मिली है। सोर्स का पानी बोरबेल टेस्टेड है। निगम तुरंत उसकी सप्लाई लोगों को कर सकता है।
अश्वनी खड्ड के पानी सैंपल भेजे पुणे
मुख्यमंत्री ने बताया कि अश्वनी खड्ड शिमला पेयजल सप्लाई का बड़ा सोर्स था, लेकिन कुछ वर्ष पहले उसके पानी से क्षेत्र में पीलिया फैला। अब सरकार खड्ड के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद वहां से पानी ले सकती है।
सरकार ने पुणे की एक लैब को खड्ड के पानी के सैंपल भेज दिए हैं। लैब से तुरंत सैंपल रिपोर्ट भेजने का आग्रह भी किया है। प्रदेश के कई जिलों में पेयजल संकट के बाद मुख्यमंत्री ने संवेदनशील पांच जिलों के जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किये।
जिलाधिकारियों का एक व्हट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसपर पेयजल सप्लाई को बनाई व्यवस्था को सीएम खुद मानिटर करते रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हर जिलाधिकारी को सख्त लहजे में साफ कर दिया कि
पेयजल संकट पर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शाम तक अधिकांश जिलाधिकारियों ने पेयजल सप्लाई मुख्यमंत्री को बनाई व्यवस्था से अवगत करवा दिया।