वीरभद्र जिसे चाहें प्रत्याशी बताएं कांग्रेस नहीं सुनती उनकी: जयराम ठाकुर
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह बेशक लोकसभा चुनाव के संभावित प्रत्याशियों के नाम सामने ला रहे हैं, मगर हाईकमान उनकी भावनाओं का सम्मान नहीं कर रहा है।
कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से सुधीर शर्मा और हमीरपुर से राजेंद्र राणा के बेटे अभिषेक को टिकट देने की वकालत पर सीएम ने कहा कि वीरभद्र छह साल से सुक्खू को हटवाने के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं, मगर कांग्रेस हाईकमान उनकी नहीं सुन रहा।
सचिवालय में सोमवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में जयराम ठाकुर ने कांग्रेस की ओर से गठित चार्जशीट कमेटी पर कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता मेें आते ही विपक्ष को अनावश्यक बातें छोड़ने को कहा था।
मगर ऐसी परंपराओं को जारी रखा तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे। हमारे पास ऐसे प्रमाण हैं जो कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ा देंगे। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे पर आरोपों के बजाय सबको विकास पर फोकस करना चाहिए।
भाजपा की चार्जशीट से केवल चुनिंदा व वजनी मामलों पर ही जांच की जा रही है। टेक्नोेमैक घोटाले, एक्साइज गड़बड़ी जैसे बड़े प्रकरणों पर ही विजिलेंस जांच चली है।
भाजपा उचित समय पर ही लेगी उम्मीदवारों पर फैसला
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों को तय करने के लिए उचित समय पर ही फैसला लेगी। अभी इस पर बात करना जल्दबाजी होगी।
ब्रैकल मामले में कहा कि पिछली सरकार में बहुत कुछ गड़बड़ हुआ है। एफआईआर के आदेश किए गए हैं। फर्जी कंपनी को ही प्रोजेक्ट दे दिया गया, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ।
स्पीकर राजीव बिंदल से जुड़ा भर्ती मामला वापस लेने पर कोर्ट ही फैसला लेगा। सरकार को जो मामले राजनीतिक रंजिश से दर्ज लगे, उनकी वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
यह केस भी उनमें से एक माना गया है। पी मित्रा मामले पर सीएम ने कहा कि कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दी गई थी, वहां से दोबारा छानबीन करने के आदेश हुए, तभी सरकार इसकी जांच कर रही है।