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हिमाचल में नहीं बहाल होगी पुरानी पेंशन स्कीम , सीएम ने स्पष्ट की स्थिति

Thu, 22 Aug 2019 05:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 22 Aug 2019 05:45 PM IST
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cm jairam thakur statement over old pension scheme in himachal pradesh
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (फाइल फोटो)

हिमाचल सरकार कर्मचारियों को पहले जैसा पेंशन लाभ नहीं देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में ठियोग से माकपा विधायक राकेश सिंघा और विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री के सवाल के जवाब में पुरानी व्यवस्था बहाल करने से इंकार कर दिया। हालांकि, सरकार इस बारे में पहले भी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। वीरवार को सदन में भी इस पर सीएम ने सरकार का रुख साफ कर दिया। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्रोतों से प्रदेश की कुल सालाना आय 10 हजार करोड़ रुपये ही है, जबकि वेतन और पेंशन पर ही प्रदेश सरकार 19 हजार करोड़ रुपये सालाना खर्च कर रही है। ऐसे में सरकार की इच्छा और संवेदना कर्मचारियों के साथ होने के बावजूद वह संसाधनों के अभाव में इस पर कोई फैसला फिलहाल नहीं ले सकती। 
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कांग्रेस सरकार ने 2003 में लागू कर दी थी स्कीम : सीएम 
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र की तत्कालीन अटल सरकार की ओर से पुरानी पेंशन स्कीम खत्म करने का आरोप लगाते हुए मौजूदा सरकार को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष में रहते हुए एनपीएस को खत्म कर पुरानी स्कीम बहाल करने की वकालत करती रही।
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ऐसे में अब केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार के बाद भी कर्मचारी हित दिखाने वाली सरकार उनके हित के लिए ठोस निर्णय नहीं ले रही। सीएम जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र ने तो इस स्कीम को 2004 में बदला, लेकिन हिमाचल की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे 2003 में ही हिमाचल में लागू कर दिया था। 

केंद्र पेंशन स्कीम बदले तो प्रदेश में भी लागू होगी
राकेश सिंघा ने कहा कि 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांग्ता वाले कर्मचारियों को ही पेंशन लाभ देने जैसे फैसले पर पुनर्विचार होना चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार वेतन के लिए पंजाब और पेंशन के लिए केंद्र का मॉडल फालो करती है। ऐसे में अगर केंद्र सरकार पेंशन स्कीम  में बदलाव करती है तो प्रदेश में उसे लागू किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर की तरह यहां भी लागू हो एक विधान: सिंघा  
विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि एक निशान, एक विधान और एक प्रधान की बात करने वाली भाजपा हिमाचल पर भी गौर करे। नई पेंशन स्कीम के लागू होने के बाद 2004 से कई कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिलनी चाहिए थी, लेकिन इसे 2017 से ही दिया गया।


उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तो आप इस तरह की बातें खत्म करना चाहते हैं। यहां भी एक विधान लागू करें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सिंघा को टोका तो इसके बाद सीएम जवाब देने उठे।

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