सियासत: सीएम जयराम बोले- कोई गलतफहमी न पालें, अपनी आंखें खोलें अनिल
- चुनाव प्रचार के दौरान सीएम ने भाजपा विधायक पर बोले तीखे हमले
- बोले- सदर विधायक को जनता ने काम करने के लिए चुना, वह रो रहे परिवार का रोना
- जिस पार्टी की वजह से मुख्यमंत्री बना, उसके लिए गली-गली क्या घर-घर जाकर करूंगा प्रचार
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा विधायक अनिल शर्मा पर तीखे हमले किए। कहा कि विधायक अनिल शर्मा मेरा मार्गदर्शन करने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। जनता ने उन्हें काम करने के लिए विधायक चुना है और वह परिवार का रोना रो रहे हैं। अनिल कोई गलतफहमी न पालें और अपनी आंखें खोलें। सीएम ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उनके बेटे ने कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा तो एक पिता की मजबूरी हमें समझ आई, लेकिन इन चुनावों में तो उनका कोई बेटा नहीं है तो फिर वह पार्टी के लिए क्यों नहीं काम कर रहे हैं।
अनिल ने परिवार के लिए मंडी को चौक-चौराहे पर छोड़ दिया है। सत्तर साल से उनके पिता से लेकर उन तक का विजन लगता है रिजर्व रखा है कहीं, आज तक किसी को नहीं दिखा। यदि विजन नहीं निकल रहा तो फिर कागज पर लिख दें तो हम उस पर काम करना शुरू करें। क्षेत्र विशेष के विकास के बेतुके आरोप लगाने की कोशिशें की जा रही हैं। जो प्रतिनिधि जिस क्षेत्र से चुनकर आता है, वहां का विकास करवाना उसकी प्राथमिकता होती है। जितना लगाव उनका सराज से है, उतना ही मंडी और प्रदेश से भी है।
कहा कि जिस पार्टी की वजह से वह सीएम की कुर्सी तक पहुंचे, उसके लिए गली क्या घर-घर जाकर प्रचार करेंगे। सदर विधायक इस बात से रूठे हैं कि उन्हें शिवरात्रि का निमंत्रण नहीं दिया, जबकि प्रशासन ने उन्हें निमंत्रण दिया है। लिखित निमंत्रण पुराने पते पर दिया है या नए पते पर इसका पता करेंगे, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी सूचित किया गया है। कायदे से अनिल को शिवरात्रि के आयोजन भागीदारी निभानी चाहिए थी। यह उनके क्षेत्र का सबसे बड़ा महोत्सव था, लेकिन वह उल्टा कोसने में लगे हैं। सीएम ने मंडी में रविवार को करीब आठ जनसभाएं कीं। कहा कि मंडी को नगर निगम धर्मशाला के साथ ही बन जाना चाहिए था, लेकिन यहां से कांग्रेस के तीन-तीन मंत्री होने के बावजूद उन्होंने ऐसा होने नहीं दिया।
अनिल की बातों को गंभीरता से नहीं लेती पार्टी: सीएम
समुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वह चुनाव में कहां प्रचार करेंगे, यह पार्टी तय करेगी। इसके लिए उन्हें विधायक अनिल शर्मा का न मार्गदर्शन चाहिए और न कोई प्रमाण पत्र। लोकसभा चुनाव के दौरान अनिल शर्मा ने रात के अंधेरे में कांग्रेस प्रत्याशी अपने बेटे के लिए प्रचार कर भाजपा के साथ धोखा किया। अब मंडी नगर निगम चुनाव हैं और उनका बेटा भी चुनाव में नहीं है। तो वह भाजपा के लिए प्रचार क्यों नहीं कर रहे हैं। अनिल शर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर पूछे सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सदर के विधायक ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि अब पार्टी भी उन्हें अपना नहीं मान रही। इसलिए उनकी बातों को भी गंभीरता से नही लिया जाता है। हालांकि, तकनीकी रूप से वह अब भाजपा के विधायक हैं। जो परिवार दशकों से मंडी का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उसे हर चीज केवल अपने लिए ही चाहिए।