मित्रा मामले में कोई डरे नहीं, कानून सबके लिए बराबर : जयराम ठाकुर
पूर्व मुख्य सचिव पी. मित्रा के खिलाफ चल रही धारा -118 की अनुमति की कथित अवैध लेनदेन की जांच पर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इसमें कोई डरे नहीं। कानून सबके लिए बराबर है। सीएम बोले - हमने नया केस दर्ज नहीं किया है। यह पुराना मामला ही चल रहा है।
जयराम ने यह बात इस सवाल के जवाब में कही कि मित्रा केस में भाजपा सरकार के एक पूर्व मंत्री के यूओ नोट पर जांच चल रही है, यह क्या है? सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी विजिलेंस वाले जांच कर रहे हैं।
जयराम बोले- मैं इस मामले का अध्ययन कर रहा हूं। यह मामला काफी पेचीदगियों के बीच में है। इसकी ब्यूरो ने क्लोजर रिपोर्ट बनाई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। इसी के बाद विजिलेंस जांच कर रही है। सीएम ने दोहराया कि वह इस मामले का ठीक से पता कर रहे हैं।
हिमाचल में एसडीआरएफ का होगा गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीटीए शिक्षकोें को सरकारी स्कूलों में सेवाएं देते हुए बहुत अरसा हो गया है। इनके मामले में अब मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय लिया जाएगा। हमारा इन शिक्षकों को हटाने का पहले से ही विचार नहीं है, मगर इनके बारे सरकार जरूर कुछ सोचेगी।
सीएम जयराम ने कहा कि हिमाचल में स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फंड (एसडीआरएफ) का गठन होगा। इस पर विचार चल रहा है। एनडीआरएफ के तहत एक बटालियन हिमाचल को मिली है, जिसमें 1000 जवान होंगे। इसके लिए जल्दी स्थान तय होगा।
उन्होंने कहा कि करीब बरसात में 1200 करोड़ का नुकसान पहले हुआ। उसके बाद भी बहुत नुकसान हुआ, जिसका फील्ड से सही आकलन किया जा रहा है। सितंबर महीने में 1955 के बाद लाहौल स्पीति में इतनी बर्फ गिरी। हम आगे से सुनिश्चित करेंगे कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।