सीएम जयराम बोले- खालिस्तान समर्थकों की धमकी के चलते मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की सुरक्षा की होगी समीक्षा
सीएम जयराम ने कहा कि यह मूल्यांकन एक हफ्ते के अंदर किया जाएगा। सरकार ने धमकी के संबंध में रॉ के सचिव और आईबी के निदेशक को भी सूचित कर दिया है। यह सूचना शिमला इकाई के माध्यम से दी गई।
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खालिस्तानी समर्थकों की 15 अगस्त को तिरंगा झंडा न फहराने देने की धमकी के बाद प्रदेश के राज्यपाल, मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष, विधायकों और सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा होगी। अब नई असेसमेंट के अनुसार ही सुरक्षा मिलेगी। यह मूल्यांकन एक हफ्ते के अंदर होगा। सरकार ने धमकी के संबंध में रॉ के सचिव और आईबी के निदेशक को भी सूचित कर दिया है।
यह सूचना शिमला इकाई के माध्यम से दी गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से प्री रिकार्डेड आडियो क्लिप से धमकी दी जा रही है। कई पत्रकारों, विधायकों और अन्य प्रतिष्ठित लोगों के फोन पर यह धमकी मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय चेक पोस्टों पर जांच बढ़ाई गई है। सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सीएम ने सदन में खालिस्तानी समर्थकों धमकी भरा संदेश सदन में पढ़ा।
जहां मंत्री झंडा फहराएंगे, वहां कांग्रेस के विधायक भी होंगे : अग्निहोत्री
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अलगाववादी ताकतें हिमाचल प्रदेश के बारे में क्यों संदेश दे रही हैं, यह तो जांच से पता लगेगा। पन्नू को पंजाब में भी सहन नहीं किया जाता है। वह इसके लिए मुख्यमंत्री के आभारी हैं। उनका फोन आया। डीजीपी भी उनसे मिले। सुरक्षा के बारे में क्या करना है, इस बारे में उनसे चर्चा की। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को केंद्रीय गृह मंत्री से भी बात करने को कहा है। अग्निहोत्री ने मंगलवार को सदन में कहा कि इनकी कोई हैसियत नहीं है।
अमरिंदर सिंह जब अमेरिका गए तो उन्हें भी वहां डिस्टर्ब किया। ये विदेशी फंडिंग से हिंदुस्तान में अस्थिरता फैलाने का प्रयास करते हैं। अग्निहोत्री ने आश्वस्त किया कि 15 अगस्त को जहां मंत्री झंडा फहराएंगे, वहां कांग्रेस के विधायक भी होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि सुरक्षा को लेकर जो किया जाना है, वह उसे करें। विदेशों से यहां लाकर ऐसे लोगों को सजा दिलाई जानी चाहिए। जहां तक किसान आंदोलन की बात है, किसान बिलों को हम वापस लेने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं को तो इससे भी ज्यादा धमकियां मिलती रही हैं।