फिर कैबिनेट में जाएगा इस जांच का मामला, विभाग ने सौंपी रिपोर्ट
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हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड (एचपीबीएल) से हुए शराब के थोक कारोबार में अनियमितताओं की जांच करवाने का निर्णय ले चुकी सरकार दोबारा मामले को कैबिनेट में लेकर जाएगी। 10 जनवरी को धर्मशाला विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट में बेवरेज लिमिटेड के गठन और कारोबार की जांच का निर्णय हुआ था।
इसके बाद विभाग ने प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों की रिपोर्ट एक माह पहले मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय रिपोर्ट पर जांच आदेश की जगह प्रकरण को दोबारा कैबिनेट में ले जाने की तैयारी में है। पिछली सरकार ने शराब के थोक विक्रेताओं को लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाकर एचपीबीएल का गठन किया था।
आबकारी नीति में यह प्रावधान किया गया कि कारोबार का संचालन और शराब की खरीद और बिक्री के लिए एचपीबीएल एकमात्र एजेंसी रहेगी। जयराम सरकार ने निर्णय लिया कि एचपीबीएल बंद होगी और पूर्व सरकार के इस निर्णय से हुए राजस्व नुकसान की जांच करवाई जाएगी।
आबकारी विभाग ने सरकार के निर्णय के बाद एचपीबीएल के माध्यम से हुई खरीद और बिक्री को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की। करीब डेढ़ सौ करोड़ की गड़बड़ी का अनुमान है। फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई, लेकिन उस पर अग्रिम कार्रवाई का निर्णय नहीं हुआ। अब दोबारा मामला कैबिनेट में आएगा। कैबिनेट से तय होगा कि प्रकरण की जांच कौन करेगा।