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राज्यपाल से तुरंत माफी मांगनी चाहिए थी, अब देर हो गई: जयराम

Mon, 01 Mar 2021 08:31 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 01 Mar 2021 08:31 PM IST
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cm jairam statement regarding himachal assembly ruckus
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा प्रकरण और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन्हें राज्यपाल से तुरंत माफी मांगनी चाहिए थी, अब देर हो गई है। जो हुआ है, वह सबने देखा कि कौन क्या कर रहा था। अगर गलती नहीं मानी जाएगी तो गलत है। छिपाने जैसा तो कुछ है ही नहीं। राज्यपाल का रास्ता रोकने, गाड़ी में बैठते हुए उन्हें रोकने, गाड़ी को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें सही नहीं हैं। विपक्ष को सम्मान देने में कमी नहीं रखी गई है। 

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सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र की दूसरी बैठक के संपन्न होने के बाद सीएम ने कहा कि बार-बार घटना को सियासी रूप देने की कोशिश कर नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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इससे विधायक संस्था को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विधायकों की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि धारा नहीं पता क्या लगी, पर कानूनी दायरे में ही एफआईआर की गई है। पीयूष गोयल के हिमाचल दौरे को लेकर सीएम ने कहा कि रेलवे के लिए 770 करोड़ जारी किए हैं। कालका-शिमला में कोच पुराने हो गए हैं, इसलिए नए लगाए जाएंगे। यह ऐसे होंगे, जिनमें व्यू देखने को मिलेगा। जोगिंद्रनगर-पठानकोट के बीच भी ऐसे कोच होंगे। हेरिटेज ट्रैक को छेड़ा नहीं जा सकता है। मोड़ कम करने और सुधार करने की कोशिश की जाएगी, जिससे रफ्तार बढ़ाई जा सके। इसके लिए सर्वे कराने की भी बात कही गई है।

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विधानसभाचप्पे चप्पे पर मार्शल, बाहर 200 से ज्यादा जवानों ने संभाला मोर्चा

विधानसभा में शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन हुए जबरदस्त हंगामे और राज्यपाल की सुरक्षा में चूक के बाद सोमवार को दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। परिसर के अंदर चप्पे चप्पे पर मार्शल तैनात रहे। परिसर के मुख्य गेट और आसपास के अहम क्षेत्रों में भी 200 से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात रहे। परिसर के अंदर दाखिल होने के बाद कौंसिल चैंबर में भी जाने से पहले लोगों की पड़ताल की गई। परिसर में दाखिल होने वाले वाहनों की भी चेकिंग की गई।

शुक्रवार के विवाद के चलते विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के आने जाने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले गेट से किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया। पहले इन गेटों से विधायकों व वीआईपी को आने दिया जाता था, लेकिन विवाद की वजह से किसी को भी अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए सीआईडी पूरे समय शहर भर में होने वाली हर छोटी बड़ी सूचना को आला अधिकारियों से साझा करते रहे। सोमवार को डीजीपी संजय कुंडू खुद भी परिसर की सुरक्षा को लेकर लगातार अधिकारियों के साथ संवाद करते दिखे।

शोकोद्गार की वीडियो की पेन ड्राइव परिवारों को भेजेंगे : परमार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि सदन में शोकोद्गार के वीडियो पेन ड्राइव में परिवारों को भेजे जाएंगे। अभी तक सदन से शोकोद्गार के बाद विधानसभा से टाइप किए गए पत्र भेजे जाते रहे हैं।  परमार ने सदन में शोकोद्गार में हिस्सा लेते हुए कहा कि सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। चंद्रसेन ठाकुर, रघुराज, तुलसीराम शर्मा और सदस्य सुजान सिंह पठानिया को सदन में सुनने का मौका मिला है। अन्य सदस्यों को सदन में सुनने का मौका भले ही नहीं मिला, लेकिन उनके व्यक्तित्व से भलीभांति परिचित रहा हूं।

इन सदस्यों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 
कहा कि इस बार से सदन में शोकोद्गार की वीडियो की पेन ड्राइव संबंधित परिवारों को भेजी जाएगी, जिससे सदस्यों के परिवारों को भी पता चले कि सदन में शोकोद्गार के समय सदस्यों ने क्या विचार रखे। पूरी कार्यवाही का वीडियो पेन ड्राइव में रिकॉर्ड कर भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ओर से रखे शोकोद्गार प्रस्ताव पर  आशा कुमारी, सुखविंद्र सुक्खू, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, मंत्री राजीव सैजल, विधायक ठाकुर रामलाल, रमेश धवाला, राकेश सिंघा, आशीष बुटेल, जिया लाल, लखविंद्र राणा, विक्रमादित्य ने भी विचार रखे।
 
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