Shimla: सीएम जयराम बोले- प्रधानमंत्री मोदी ने आठ साल का जश्न मनाने के लिए खुद चुना शिमला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जब प्रधानमंत्री से मिलना हुआ तो उन्होंने उनसे आग्रह किया था कि वह हिमाचल आएं। सोमवार को प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ साल का कार्यकाल पूरा होने पर इसे स्वरूप दिया गया है। इसमें सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री वर्चुअल जुड़ेंगे।
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अपनी सरकार के आठ साल का कार्यकाल पूरा होने का जश्न मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिमला को खुद चुना। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जब प्रधानमंत्री से मिलना हुआ तो उन्होंने उनसे आग्रह किया था कि वह हिमाचल आएं। प्रदेश के लिए कुछ अलग कार्यक्रम तय किए थे। उन्हें इस बात की खुशी है कि जो कार्यक्रम हमने तय किए थे, उनके साथ प्रधानमंत्री की ओर से सुझाव के रूप में दो कार्यक्रम आए थे। इनमें एक कार्यक्रम 31 मई को होने वाला है। आठ साल का कार्यकाल पूरा होने पर स्थान का निर्धारण होना था। यह शिमला में तय हुआ।
सोमवार को प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ साल का कार्यकाल पूरा होने पर इसे स्वरूप दिया गया है। इसमें सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री वर्चुअल जुड़ेंगे। हर क्षेत्र में विकास हुआ है। हर वर्ग को लाभ दिया गया है। कहा कि केंद्र सरकार का आठ साल का कार्यकाल अच्छा होगा। इससे भारत को एक नई पहचान मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान बनी है। अगर कोविड कार्यकाल में सबसे बड़ी चुनौती रही तो इसी दौर में रही है। आज तक जितने भी प्रधानमंत्री रहे हैं, उनमें बहुत बड़ा योगदान मोदी का ही रहा है। भारत लगातार आगे बढ़ता हुआ पहचान बनाने में सफल हुआ है।
मैं पार्टी कार्यकर्ता हूं, सीएम बाद में बना : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं। सीएम बाद में बना। कार्यकर्ता के नाते वह अपना काम कर रहे थे। सीएम पद की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई है।
मूसेवाला की सुरक्षा राजनीतिक तौर पर हटाने का फैसला गलत: जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पैरामीटर एक कमेटी तय करती है कि किस व्यक्ति को किस तरह की सुरक्षा दी जानी है। इसे राजनीतिक निर्णय के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए। सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा उनकी हत्या से एक-दो दिन पहले ही वापस ली गई थी। यह राजनीतिक निर्णय ही था। यह निर्णय गलत था। एके 47 से तीस से चालीस राउंड गोलियों के चले। सुरक्षा किसे कितनी मिलनी चाहिए, यह देखा जाना चाहिए। मीडिया में खबरें बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है, यह उचित नहीं है।
जो सरकार हाल ही में वहां बनी है, वह ऊंची बातें कर रही है। इसे समझने की जरूरत है। पंजाब में खालिस्तानी झंडा लगाने वालों को हमने पांच दिन में पकड़ लिया। पंजाब में लगातार झंडे लग रहे हैं। वहां की सरकार इस बारे में कार्रवाई क्यों नहीं करना चाह रही है। प्रधानमंत्री की रैली का समय याद आता है। जब देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा को वहां पर हल्के में लिया जाता है। पंजाब में भ्रष्टाचार के मामले में दो महीने के अंतराल में एक मंत्री को बर्खास्त करना पड़ता है।