सीएम जयराम ने किया शोर नहीं मोबाइल ऐप का शुभारंभ
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को जागरूकता अभियान और शोर नहीं मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। कहा कि राज्य अपनी स्वास्थ्य वर्धक जलवायु और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है।
राज्य के प्राचीन वैभव और वातावरण को बनाए रखने में सभी योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह ऐप आम जनमानस की सुविधा के लिए तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉर्न बजाने से न केवल अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
प्रथम चरण में हॉर्न नॉट ओके अभियान राज्य के दो शहरों शिमला और मनाली में शुरू किया गया है। दोनों शहर सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण हैं। इनमें वाहन चालकों को हॉर्न का इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित करना एक सराहनीय प्रयास है।
ऐसे काम करेगा ऐप
सीएम ने मीडिया से हॉर्न नॉट ओके अभियान के प्रति जागरूक करने, पुलिस कर्मियों और चालकों से इसे सफल बनाने का आग्रह किया। कहा कि यह पहल पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एनआईसी हिमाचल के सहयोग से की गई है।
मुख्यमंत्री ने ओटीपी का इस्तेमाल कर इस ऐप का उपयोग कर सकते हैं। ऐसी सभी शिकायतें ऐप के माध्यम से संबंधित उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उपमंडलाधिकारी और उपमंडल पुलिस अधिकारी को तुरंत भेजी जाएंगी। यह ऐप अधिकारियों को घटनास्थल की जानकारी जीपीएस के माध्यम से उपलब्ध करवाएगी।
ऐप के विषय में सूचना किट वितरित की
मुख्यमंत्री ने उप पुलिस अधीक्षक यातायात पीडी ठाकुर, अध्यक्ष सचिवालय चालक संघ शांति स्वरूप, अध्यक्ष विभागीय चालक संघ बुद्धि सिंह, अध्यक्ष एचआरटीसी चालक संघ सत्यदेव तथा अन्य लोगों को इस ऐप के विषय में सूचना किट वितरित की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तरुण कपूर, निदेशक पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डीसी राणा, मुख्य सचिव विनीत चौधरी, प्रधान सचिव श्रीकांत बाल्दी, एसीएम लोक निर्माण विभाग मनीषा नंदा, एसीएस
वित्त अनिल कुमार खाची, एसीएस गृह राम सुभग सिंह, एसीएस सामाजिक न्याय निशा सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।