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Shimla News: कोलडैम से वन निगम ने लकड़ियां निकालने का काम किया शुरू
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हजारों लकड़ी के टुकड़ों के कारण अभियान में आ रहीं दिक्कतें
स्टीमर और नाव से शवों को तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। समेज में बादल फटने के बाद लापता हुए लोगों की तलाश के लिए सुन्नी में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में बहकर आए लकड़ी के हजारों टुकड़ाें के कारण दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसको देखते हुए वन निगम ने नदी से लकड़ियों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। लकड़ियों के हटते ही सर्च ऑपरेशन में और तेजी आएगी। वर्तमान में जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें यहां पर सुबह से शाम तक शवों की तलाश के लिए सर्च अभियान चला रही हैं। शिमला और मंडी जिले की सीमा पर दोघरी गांव के समीप वोट और स्टीमर से नदी में अभियान चलाया जा रह है लेकिन समेज में बादल फटने के बाद इस क्षेत्र में चारों और लकड़ी के बड़े-बड़े टुकड़ों का अंबार लगा है। इस वजह से सर्च ऑपरेशन में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं गोताखोर शवों की तलाश के लिए पानी में भी नहीं उतर पा रहे हैं। इसको देखते हुए अब प्रशासन ने वन निगम की टीम को मौके पर बुलाकर पानी से लकड़ियों को निकालने का फैसला लिया है, जिससे आने वाले दिनों में सर्च ऑपरेशन को और तेजी से चलाया जा सकेगा। गौर हो कि यह क्षेत्र कोलडैम और नदी के पानी के मिलने का क्षेत्र है। यहां पानी रुकने की वजह से रामपुर, किन्नौर जैसे ऊपरी क्षेत्रों में बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं पेश आने पर ज्यादातर शव बहकर मिलते हैं। इसको देखते हुए सरकार ने समेज में हुए हादसे के दिन ही यहां पर शवों की तलाश के लिए अभियान शुरू करने का फैसला लिया था। जिला प्रशासन की तरफ से एडीसी अभिषेक वर्मा इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं जबकि पुलिस की तरफ से डीएसपी अमित ठाकुर मौजूद हैं। अभियान में एनडीआरएफ, होमगार्ड की टीमों के अलावा एनटीपीसी की मदद भी ली जा रही है।
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स्टीमर और नाव से शवों को तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। समेज में बादल फटने के बाद लापता हुए लोगों की तलाश के लिए सुन्नी में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में बहकर आए लकड़ी के हजारों टुकड़ाें के कारण दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसको देखते हुए वन निगम ने नदी से लकड़ियों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। लकड़ियों के हटते ही सर्च ऑपरेशन में और तेजी आएगी। वर्तमान में जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें यहां पर सुबह से शाम तक शवों की तलाश के लिए सर्च अभियान चला रही हैं। शिमला और मंडी जिले की सीमा पर दोघरी गांव के समीप वोट और स्टीमर से नदी में अभियान चलाया जा रह है लेकिन समेज में बादल फटने के बाद इस क्षेत्र में चारों और लकड़ी के बड़े-बड़े टुकड़ों का अंबार लगा है। इस वजह से सर्च ऑपरेशन में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं गोताखोर शवों की तलाश के लिए पानी में भी नहीं उतर पा रहे हैं। इसको देखते हुए अब प्रशासन ने वन निगम की टीम को मौके पर बुलाकर पानी से लकड़ियों को निकालने का फैसला लिया है, जिससे आने वाले दिनों में सर्च ऑपरेशन को और तेजी से चलाया जा सकेगा। गौर हो कि यह क्षेत्र कोलडैम और नदी के पानी के मिलने का क्षेत्र है। यहां पानी रुकने की वजह से रामपुर, किन्नौर जैसे ऊपरी क्षेत्रों में बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं पेश आने पर ज्यादातर शव बहकर मिलते हैं। इसको देखते हुए सरकार ने समेज में हुए हादसे के दिन ही यहां पर शवों की तलाश के लिए अभियान शुरू करने का फैसला लिया था। जिला प्रशासन की तरफ से एडीसी अभिषेक वर्मा इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं जबकि पुलिस की तरफ से डीएसपी अमित ठाकुर मौजूद हैं। अभियान में एनडीआरएफ, होमगार्ड की टीमों के अलावा एनटीपीसी की मदद भी ली जा रही है।