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Shimla News: शहर के मशहूर झांसी पार्क में धोकर सुखाए जा रहे हैं कपड़े
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पर्यटकों से सामने स्थानीय लोग हो रहे शर्मिंदा
पार्क में बने शौचालय में कपड़े धो रहे कुछ लोग
पर्यटक शहर को लेकर मन में बना रहे खराब छवि
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के मशहूर झांसी पार्क में लगाए गए पौधों के ऊपर कपड़े सुखाए जा रहे हैं। इस कारण पार्क और शहर की सुंदरता पर धब्बा लग रहा है। लोग साथ ही बने सार्वजनिक शौचालय में जाकर कपड़े धो रहे हैं और पौधों पर सुखाने के लिए डाल रहे हैं।
पार्क में वीरवार को भी ऐसा नजारा देखने को मिला। इस दौरान विदेशी और बाहरी राज्यों से आए पर्यटक पार्क में घूम रहे थे। कपड़ों को पौधों पर देख कई पर्यटक उसकी तसवीर निकाल रहे थे। इस कारण पर्यटकों के सामने स्थानीय लोगों को शर्मिंदा होना पड़ा। पार्क में आने वाले पर्यटक शहर को लेकर अपने मन में गलत छवि बना रहे हैं। इससे आने वाले समय में पर्यटन के कारोबार पर बुरा असर हो सकता है। झांसी पार्क शहर के बीच में स्थित है। ऐसे में मालरोड की ओर आने वाले पर्यटक पार्क में आते-जाते रहते हैं। शहर के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र कंवर ने कहा कि लोगों का पार्क के पौधों पर कपड़े सुखाना ठीक नहीं है। गांव में लोगों का ऐसा करना समझ आता है लेकिन पार्क में ऐसा होना शर्मनाक है। सवाल यह है कि यह लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस पार्क का नाम 1957 के स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के सम्मान में रखा गया था। यहां पर रानी लक्ष्मी बाई की 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की है। यह पार्क भारत और शिमला के इतिहास और संस्कृति का प्रतीक है और कुछ लोग इसकी छवि खराब कर रहे हैं।
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पार्क में बने शौचालय में कपड़े धो रहे कुछ लोग
पर्यटक शहर को लेकर मन में बना रहे खराब छवि
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के मशहूर झांसी पार्क में लगाए गए पौधों के ऊपर कपड़े सुखाए जा रहे हैं। इस कारण पार्क और शहर की सुंदरता पर धब्बा लग रहा है। लोग साथ ही बने सार्वजनिक शौचालय में जाकर कपड़े धो रहे हैं और पौधों पर सुखाने के लिए डाल रहे हैं।
पार्क में वीरवार को भी ऐसा नजारा देखने को मिला। इस दौरान विदेशी और बाहरी राज्यों से आए पर्यटक पार्क में घूम रहे थे। कपड़ों को पौधों पर देख कई पर्यटक उसकी तसवीर निकाल रहे थे। इस कारण पर्यटकों के सामने स्थानीय लोगों को शर्मिंदा होना पड़ा। पार्क में आने वाले पर्यटक शहर को लेकर अपने मन में गलत छवि बना रहे हैं। इससे आने वाले समय में पर्यटन के कारोबार पर बुरा असर हो सकता है। झांसी पार्क शहर के बीच में स्थित है। ऐसे में मालरोड की ओर आने वाले पर्यटक पार्क में आते-जाते रहते हैं। शहर के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र कंवर ने कहा कि लोगों का पार्क के पौधों पर कपड़े सुखाना ठीक नहीं है। गांव में लोगों का ऐसा करना समझ आता है लेकिन पार्क में ऐसा होना शर्मनाक है। सवाल यह है कि यह लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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इस पार्क का नाम 1957 के स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के सम्मान में रखा गया था। यहां पर रानी लक्ष्मी बाई की 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की है। यह पार्क भारत और शिमला के इतिहास और संस्कृति का प्रतीक है और कुछ लोग इसकी छवि खराब कर रहे हैं।
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