Himachal Weather: हिमाचल में चार दिनों तक मौसम साफ, तेज हवाओं ने बढ़ाई शीतलहर
प्रदेश में मौसम खुलते ही तेज हवाओं ने शीतलहर बढ़ा दी है। रविवार रात को प्रदेश के सात क्षेत्रों में माइनस और छह क्षेत्रों में दो डिग्री से कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है।
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हिमाचल प्रदेश में मौसम खुलते ही तेज हवाओं ने शीतलहर बढ़ा दी है। रविवार रात को प्रदेश के सात क्षेत्रों में माइनस और छह क्षेत्रों में दो डिग्री से कम न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ है। सोमवार को शीतलहर के चलते अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई है। उधर, 17 फरवरी तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 18 और 19 फरवरी को कुछ भागों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। तेज हवाएं चलने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस में
केलांग - 13.2
कुकुमसेरी - 12.1
नारकंडा - 4.0
कल्पा - 3.0
कुफरी - 2.6
मनाली - 2.0
सिऊबाग - 0.3
डलहौजी 0.1
सुंदरनगर 0.4
भुंतर 1.0
हमीरपुर 1.3
शिमला 1.4
मंडी 1.5
181 सड़कें और 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
हिमाचल में सोमवार शाम तक 181 सड़कें और 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। लाहौल-स्पीति जिला में सबसे अधिक 152 और 108 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। जिला में बीते दिनों हुई बर्फबारी से जनजीवन अभी प्रभावित चल रहा है। उधर, कुल्लू में 12, चंबा में नौ, किन्नौर में चार, कांगड़ा में दो और शिमला-मंडी में एक-एक सड़क आवाजाही के लिए ठप रही। चंबा में 17 और कुल्लू-शिमला में एक-एक बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे। लाहौल-स्पीति में छह और चंबा में चार पेयजल योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं।
पांगी-लाहौल के लिए बहाल हुई अटल टनल
उधर, मनाली-लेह मार्ग पर बर्फ हटाकर बीआरओ ने अटल टनल रोहतांग एकतरफा यातायात के लिए बहाल कर दी है। फिलहाल इस मार्ग पर सिर्फ पांगी और लाहौल की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति है। फोर बाई फोर वाहन और चेन लगी टाटा सूमो में ही सफर कर सकेंगे। पर्यटकों को सोलंगनाला से आगे जाने की अनुमति नहीं मिली है। सोलंगनाला तक भी पर्यटक फोर बाई फोर वाहनों में ही जा पा रहे हैं। अन्य वाहनों को पलचान में ही रोका जा रहा है। भारी बर्फबारी के कारण मनाली-लेह मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया था। अटल टनल के दोनों पोर्टलों में 75 सेंमी से अधिक बर्फबारी हुई है। सोमवार को सीमा सड़क संगठन ने इस मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य पूरा किया। फिलहाल सड़क को एकतरफा खोला गया है। सोलंगनाला की ओर गए पर्यटक वाहनों को पलचान में ही रोका गया। इससे आगे बर्फ में वाहन फिसलने के भय के कारण छोटे वाहन नहीं भेजे गए। सोलंगनाला जाने के इच्छुक पर्यटकों को फोर बाई फोर वाहनों में सोलंगनाला तक जाने की अनुमति दी गई। डीएसपी मनाली हेमराज वर्मा ने बताया कि पर्यटक वाहनों को पलचान में ही रोका जा रहा है। इससे आगे सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों को भेजा गया। पांगी और लाहौल के स्थानीय लोगों के लिए अटल टनल खोली गई है। स्थानीय लोग भी सुबह 9 से 5 बजे तक ही सफर कर सकते हैं।
भूस्खलन से उदयपुर-तिंदी-किलाड़ मार्ग बंद
लाहौल के उदयपुर से 19 किलोमीटर दूर नाग मंदिर के समीप भारी भूस्खलन होने से उदयपुर-तिंदी-किलाड़ मार्ग बंद हो गया है। इससे पांगी घाटी का कुल्लू, मनाली के साथ लाहौल से संपर्क कट गया है। लोग भूस्खलन से अवरुद्ध मार्ग के चलते पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। रविवार रात हुए भूस्खलन से सड़क पर चट्टानों का ढेर लग गया है। सोमवार सुबह सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (94) ने मशीनरी को मौके के लिए भेज दिया। हर तीसरे दिन मार्ग पर हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण आम लोगों के साथ बीआरओ को भी परेशान होना पड़ रहा है। सीमा सड़क संगठन ने उदयपुर से किलाड़ के बीच जगह-जगह मशीनों को तैनात कर रखा है।
सोमवार को तिंदी-उदयुपर के बीच सड़क बंद होने से लोग पैदल आरपार हुए और आगे से वाहनों में अपने गंतव्य पहुंचे। सर्दी के मौसम में माइनस तापमान होने से लोगों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। सीमा सड़क संगठन (94) के ओसी अखिल देव कौशल ने बताया कि सड़क बंद होने की सूचना के बाद सोमवार सुबह ही उदयपुर से 19 किमी दूर सड़क में गिरी चट्टानों को हटाने के लिए मशीन भेज दी थी। कहा कि मलबा अधिक होने से सड़क को बहाल करने में समय लग रहा है।