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Shimla News: शहरवासियों को मिलेगा सस्ता पानी, सदन में दो प्रस्ताव पारित
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नगर निगम के सदन में पानी की दरें कम रखने के अलावा सस्ते कनेक्शन देने का प्रस्ताव भी किया पारित
एमसी तर्क 24 घंटे पानी मिलने पर ही बढ़ेंगी दरें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को महंगे पानी से जल्द राहत मिल सकती है। नगर निगम सदन ने राजधानी में पेयजल सस्ता करने से जुड़े दो प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
अब इन्हें अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही शहर में पेयजल की दरें कम हो सकती हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में पेयजल संकट को लेकर मचे हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एक ओर पेयजल कंपनी तीसरे और चौथे दिन पानी की आपूर्ति कर रही है, वहीं दूसरी ओर पानी की दरें हर साल आठ फीसदी बढ़ाई जा रही हैं।
सदन ने प्रस्ताव पारित किया कि अगले साल से पानी की दरें तभी बढ़ाई जाएंगी जब लोगों को 24 घंटे पानी की आपूर्ति होगी। महापौर ने भी भरोसा दिलाया कि अगले साल से पानी की दरें पहले की तरह नहीं बढ़ाई जाएंगी। प्रस्ताव को अब सरकार को भेजा जाएगा। वहीं पार्षद रामरत्न वर्मा ने महंगे व्यावसायिक कनेक्शनों को सस्ते घरेलू कनेक्शनों में बदलने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि शहर में सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पानी के कनेक्शन व्यावसायिक श्रेणी में हैं। यह लोग भी अन्य उपभोक्ताओं की तरह घरेलू इस्तेमाल के लिए ही पानी ले रहे हैं, लेकिन उन्हें महंगी दरों पर बिल चुकाना पड़ रहा है।
पार्षद ने निगम के उस प्रस्ताव का हवाला दिया, जिसके तहत वर्ष 2003 से पहले के व्यावसायिक कनेक्शनों को घरेलू कनेक्शनों में बदला गया था। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि वर्ष 2003 के बाद और 2012 तक लिए गए ऐसे व्यावसायिक कनेक्शन जिनका इस्तेमाल घरेलू कार्यों के लिए हो रहा है, उन्हें भी सस्ते घरेलू कनेक्शनों में बदला जाए। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि नियमों के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं है। इसके बावजूद सदन की सर्वसम्मति के बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजने का निर्णय लिया।
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कंपनी पास कर चुकी है आठ फीसदी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव
पेयजल कंपनी अगले साल मार्च से पानी की दरें आठ फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही पारित कर चुकी है। कुछ दिन पहले हुई कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि अब नगर निगम सदन में पारित प्रस्ताव के बाद कंपनी के लिए अगले साल से दरें बढ़ाना आसान नहीं होगा। लोगों को यदि 24 घंटे पानी नहीं मिला तो पेयजल दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भी रुक सकता है।
वार्डों में अब पांचवें दिन आ रहा पानी
सदन में पानी की राशनिंग को लेकर खूब हंगामा हुआ। पार्षद विशाखा मोदी और कमलेश मेहता ने कहा कि उनके वार्डों में नई लाइनें बिछाने के बाद 24 घंटे पानी देने का दावा किया था लेकिन हकीकत यह है कि यहां पांचवें दिन पानी आ रहा है। पार्षदों ने खोदी गई सड़कों और रास्तों को दुरुस्त न करने पर भी सवाल उठाए। पार्षद नरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, कांता सुयाल, उर्मिला कश्यप और आशा शर्मा ने भी पानी की राशनिंग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति कब मिलेगी।
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एमसी तर्क 24 घंटे पानी मिलने पर ही बढ़ेंगी दरें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को महंगे पानी से जल्द राहत मिल सकती है। नगर निगम सदन ने राजधानी में पेयजल सस्ता करने से जुड़े दो प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
अब इन्हें अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही शहर में पेयजल की दरें कम हो सकती हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में पेयजल संकट को लेकर मचे हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एक ओर पेयजल कंपनी तीसरे और चौथे दिन पानी की आपूर्ति कर रही है, वहीं दूसरी ओर पानी की दरें हर साल आठ फीसदी बढ़ाई जा रही हैं।
सदन ने प्रस्ताव पारित किया कि अगले साल से पानी की दरें तभी बढ़ाई जाएंगी जब लोगों को 24 घंटे पानी की आपूर्ति होगी। महापौर ने भी भरोसा दिलाया कि अगले साल से पानी की दरें पहले की तरह नहीं बढ़ाई जाएंगी। प्रस्ताव को अब सरकार को भेजा जाएगा। वहीं पार्षद रामरत्न वर्मा ने महंगे व्यावसायिक कनेक्शनों को सस्ते घरेलू कनेक्शनों में बदलने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि शहर में सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पानी के कनेक्शन व्यावसायिक श्रेणी में हैं। यह लोग भी अन्य उपभोक्ताओं की तरह घरेलू इस्तेमाल के लिए ही पानी ले रहे हैं, लेकिन उन्हें महंगी दरों पर बिल चुकाना पड़ रहा है।
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पार्षद ने निगम के उस प्रस्ताव का हवाला दिया, जिसके तहत वर्ष 2003 से पहले के व्यावसायिक कनेक्शनों को घरेलू कनेक्शनों में बदला गया था। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि वर्ष 2003 के बाद और 2012 तक लिए गए ऐसे व्यावसायिक कनेक्शन जिनका इस्तेमाल घरेलू कार्यों के लिए हो रहा है, उन्हें भी सस्ते घरेलू कनेक्शनों में बदला जाए। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि नियमों के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं है। इसके बावजूद सदन की सर्वसम्मति के बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजने का निर्णय लिया।
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कंपनी पास कर चुकी है आठ फीसदी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव
पेयजल कंपनी अगले साल मार्च से पानी की दरें आठ फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही पारित कर चुकी है। कुछ दिन पहले हुई कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि अब नगर निगम सदन में पारित प्रस्ताव के बाद कंपनी के लिए अगले साल से दरें बढ़ाना आसान नहीं होगा। लोगों को यदि 24 घंटे पानी नहीं मिला तो पेयजल दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भी रुक सकता है।
वार्डों में अब पांचवें दिन आ रहा पानी
सदन में पानी की राशनिंग को लेकर खूब हंगामा हुआ। पार्षद विशाखा मोदी और कमलेश मेहता ने कहा कि उनके वार्डों में नई लाइनें बिछाने के बाद 24 घंटे पानी देने का दावा किया था लेकिन हकीकत यह है कि यहां पांचवें दिन पानी आ रहा है। पार्षदों ने खोदी गई सड़कों और रास्तों को दुरुस्त न करने पर भी सवाल उठाए। पार्षद नरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, कांता सुयाल, उर्मिला कश्यप और आशा शर्मा ने भी पानी की राशनिंग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति कब मिलेगी।