अच्छी खबर: इमरजेंसी में मरीज को 15 मिनट में मिलेगा इलाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के सभी अस्पतालों में अब इलाज करवाने और अन्य तरह की सेवाओं के लिए मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य महकमे ने संशोधित सिटीजन चार्र्टर लागू कर दिया है। अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं को टाइम बाउंड करते हुए सभी सेवाओं को अस्पतालों में सूचना बोर्ड पर लगाने के निर्देश दिए हैं।
अब मरीजों को सेवाएं देने में अस्पताल प्रशासन आनाकानी नहीं कर सकेंगे। सेवा नहीं मिलने पर लोगों को भी शिकायत करने का मौका दिया गया है। दो हफ्तों में शिकायतकर्ता को जवाब दिया जाएगा। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर अगली अपीलीय अथॉरिटी को शिकायत कर सकेंगे।
संशोधित सिटीजन चार्टर के तहत इमरजेंसी में 15 मिनट के भीतर मरीज को उपचार देना होगा। पैरेफरी से ऑन कॉल बुलाए जाने वाले डॉक्टरों को एक घंटे के भीतर सेवा देनी होगी। किसी भी मरीज को 30 मिनट के भीतर ओपीडी की पर्ची बनानी होगी।
अस्पतालों को देनी होंगी ये सारी सुविधाएं
उपचार पूरा होने पर मरीज की ओर से अस्पताल से छुट्टी मांगने पर साढ़े चार घंटों में डिस्चार्ज कार्ड देना होगा। टेस्ट रिपोर्ट उसी दिन दोपहर तीन बजे तक देनी होगी। इमरजेंसी में दो घंटों के भीतर टेस्ट रिपोर्ट देनी होगी। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट को दो दिन में दिया जाएगा।
फिटनेस सर्र्टिफिकेट आवेदन करने वाले दिन में देना होगा। विशेषज्ञ की राय लेकर डिस्एबिलिटी सर्टिफिकेट 30 दिन में देना होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट 24 घंटों में देनी होगी। ड्रग एंड मेडिसन शॉप का लाइसेंस एक माह में देना होगा। जन्म प्रमाणपत्र पहले 21 दिन तक मुफ्त देना होगा, दो सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद फर्स्ट एड ट्रेनिंग सर्टिफिकेट दो घंटे के भीतर देना होगा।
'अस्पतालों में मिलने वाली सभी सेवाओं की समयावधि तय कर दी गई है। लोग संतुष्ट नहीं होने पर शिकायत कर सकते हैं। सभी सीएमओ को अस्पतालों में सेवाओं और उन्हें प्रदान करने की समयावधि के सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया है।'- डा. डीएस गुरुंग, स्वास्थ्य निदेशक