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शिमला क्राइस्ट चर्च, जब प्रार्थना करने के लिए घर से चेयर लाते थे लोग
अरविंद ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:00 AM IST
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मेरठ के सेंट जोन चर्च के बाद शिमला का क्राइस्ट चर्च उत्तर भारत का दूसरा सबसे पुराना चर्च है। यह नियो गौथिक शैली में बनाया गया है। क्राइस्ट चर्च का नींव पत्थर 9 सितंबर 1844 को रखा गया। 11 अक्तूबर 1846 को इसे प्रार्थना के लिए खोला गया। उस वक्त यहां खड़े होकर ही प्रेयर करनी पड़ती थी। 1847 में लोगों को प्रेयर करने या बैठने के लिए अपने घरों से चेयर लेकर आने को कहा गया था।
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चर्च पूरी तरह बनकर 10 जनवरी 1857 को तैयार हुआ। इससे बनने में करीब 13 साल लग गए। मेजर थर्नबर्न और एलएफ रॉबर्टसन की देखरेख में चर्च के निर्माण का सारा काम हुआ था। उस समय चर्च की लागत करीब 40 से 50 हजार रुपये आई। ब्रिटिश सरकार ने इसके लिए 12 हजार रुपये दिए, जबकि बाकी पैसा निजी स्त्रोतों के जरिए इकट्ठा किया गया।
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मेसर्स बर्लिसन ने इस चर्च का डिजाइन बनाया था। चर्च में लगी पाइपें 22 सिंतबर 1898 को लेडी इलगिन की ओर से अपनी बेटी एलिजाबेथ ब्रूस की शादी की खुशी में दान की गई थीं। मेरठ का सेंट जोन चर्च उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च है जिसका निर्माण 1819 से 1821 के दौरान हुआ था।
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लंदन से आया था खिड़कियों में लगा शीशा
क्राइस्ट चर्च की खिड़कियों में लगा शीशा 1890 में लंदन से आया था। चर्च में लगी घड़ी काफी समय से खराब पड़ी है। यह घड़ी 1860 में कर्नल डंबलटन ने दान की थी।
यहां है 117 साल पुराना पाइप ऑर्गन
शिमला के क्राइस्ट चर्च में 117 साल पुराना पाइप ऑर्गन है। चर्च के कमेटी मेंबर्स का कहना है? कि यह दुनिया सबसे पुराना वाद्य यंत्र है। इसे 23 सितंबर 1899 को स्थापित किया गया। 1932 में इसकी मरम्मत की गई थी। जिस पर करीब 23 हजार रुपये खर्च आया था। तकनीकी खराबी के कारण इस बार पाइप ऑर्गन नहीं बजाया जाएगा। इसके कुछ नोट्स, कंसोल और पेडल खराब हो गए हैं जिनकी मरम्मत के लिए पर्यटन विभाग ने बजट पास कर दिया है।
पाइप ऑर्गन वादक बेजल डीन का कहना ने कहा कि पाइप ऑर्गन बिल्कुल ठीक है। बीते वर्ष ही इसकी मरम्मत पर 35 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। 18 सिंतबर 2016 को उन्होंने अंतिम बार इसे बजाया था तब यह बिल्कुल सही तरीके से बज रहा था। 1982 से वे इसे लगातार बजा रहे हैं।
चर्च के इंचार्ज मुश्ताक ए मलक ने बताया कि पाइप ऑर्गन के एक्सपर्ट बुलाए गए थे। इसके सिर्फ तीन ही स्टापेज चलते हैं बाकी खराब हैं। इनकी जल्दी मरम्मत करवाई जाएगी। वहीं चर्च की घड़ी की भी मरम्मत करवाई जा रही है।