{"_id":"846ad1897d58e490a5550c5b1d75d601","slug":"chinese-president-xi-jinping-india-visit-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्वासित तिब्बत सरकार को जिनपिंग से उम्मीदें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्वासित तिब्बत सरकार को जिनपिंग से उम्मीदें
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Tue, 16 Sep 2014 08:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 17 सितंबर को भारत दौरे पर निर्वासित तिब्बत सरकार और लाखों तिब्बती नजर रखे हुए हैं। चीन के राष्ट्रपति के भारत दौरे को लेकर निर्वासित तिब्बत सरकार और तिब्बत यूथ कांग्रेस के अलग मत हैं।
विज्ञापन
निर्वासित सरकार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से काफी उम्मीदें हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में निर्वासित तिब्बत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री सामदोंग रिंपोंछे ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति अपने देश के अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं।
विज्ञापन
पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा दिख रहा है। चीन और भारत के संबंधों में सुधार का हर किसी को लाभ होगा। अगर भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति को लगता है कि तिब्बत के मुद्दे पर उन्हें वार्ता करनी चाहिए तो यह मुद्दा उठना चाहिए।
विज्ञापन
निर्वासित तिब्बत संसद के अध्यक्ष पेंपा शेरिंग का कहना है कि विश्व राजनीतिक रूप से जबरदस्त बदलाव से गुजर रहा है। एशिया के देशों में बेहतर संबंधों को लेकर गतिशीलता दिख रही है। चीन के राष्ट्रपति का भारत दौरा बेहतर संबंधों की गतिशीलता के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण है।
हमने चीन के साथ बेहतर संबंधों की हमेशा प्रशंसा की है। चीन दुनिया का जिम्मेदार राष्ट्र बन गया है। हम भी इस अवसर को आशावाद के तौर पर ले रहे हैं। कई लोगों को आशा है कि शी जिनपिंग चीन को एक निश्चित स्तर पर बदल देंगे।
तिब्बत यूथ कांग्रेस करेगी शी जिनपिंग का विरोध
तिब्बत यूथ कांग्रेस के महासचिव लैमसंग कहते हैं कि यह तिब्बत का मसला उठाने को अच्छा अवसर है। तिब्बत में लोग काफी पीड़ित हैं। नैतिकता के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम तिब्बत के पीड़ितों की आवाज उठाएं। इसलिए, हम दिल्ली में लाखों तिब्बतियों के लिए आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। हम चीनी राष्ट्रपति का स्वागत नहीं करेंगे। वह आतिथ्य के योग्य नहीं हैं। हम सोचते हैं कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी विश्व की सबसे बड़ी आतंकवादी एनजीओ है।