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Shimla News: बच्चों की कल्पना ने रंगमंच पर भरे रंग
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गेयटी थिएटर में बाल रंगमंच महोत्सव का आगाज
छह नाटकों से सजा महोत्सव का पहला दिन, 9 अक्तूबर तक 17 संस्थानों के बच्चे दिखाएंगे प्रतिभा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बच्चों की कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच देने वाले बाल रंगमंच महोत्सव 2026 के चौथे संस्करण का बुधवार को गेयटी थिएटर के गॉथिक हॉल में आगाज हुआ। 9 अक्तूबर तक चलने वाले महोत्सव के पहले दिन छह नाट्य प्रस्तुतियां हुईं। बच्चों ने अभिनय प्रतिभा के साथ अपनी रंगमंचीय समझ का भी परिचय दिया।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से लगातार चौथे वर्ष आयोजित महोत्सव में इस बार 17 संस्थान अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा दो विशेष स्क्रीनिंग भी होंगी। अभिनेत्री और रंगकर्मी दिव्या जगदाले महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
पहले दिन की शुरुआत सरस्वती पैराडाइस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की प्रस्तुति ‘उपहास’ से हुई। इसके बाद स्वर्ण पब्लिक स्कूल, टूटीकंडी ने मंजुला गुलाटी की कहानी ‘लिटल हैंड्स, बिग डिफरेंस’ प्रस्तुत की। रूट्स कंट्री स्कूल, बागी ने ऋचा कश्यप की कहानी ‘बिशु-री जलेबी पकौड़े’ मंचित की। जीएसएसएस सरोग, ठियोग की टीम ने श्रेया नेगी की कहानी ‘द सॉइल रिमेम्बर्स’ प्रस्तुत की।
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पांचवीं प्रस्तुति संभोटा तिब्बतन स्कूल, छोटा शिमला की रही। टीम ने किशन श्रीमन की कहानी ‘पिदू चिड़ू’ को मंच पर जीवंत किया। पहले दिन की प्रस्तुतियों का समापन सर्वोदय बाल आश्रम, रूकवुड की टीम ने किआन अमरीक ठाकुर की कहानी ‘द कॉफी शॉप’ के मंचन के साथ किया।
प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्णायक मंडली में शामिल डॉ. पूर्णिमा चौहान, अनुराधा दर और आस्था शुक्ला चड्ढा करेंगी। महोत्सव के आयोजन में वरिष्ठ रंगमंच विशेषज्ञ श्रीनिवास जोशी, जवाहर कौल और राजन कौशल के साथ क्रिएटिव डायरेक्टर विवेक मोहन, रुपेश भीमटा, संजीव अरोरा, कुमार शानू और आदर्श चौहान का योगदान रहा है।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष वंदना भागड़ा ने कहा कि बाल रंगमंच महोत्सव बच्चों की आवाज, कल्पना और सपनों को मंच देने की निरंतर पहल है।
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छह नाटकों से सजा महोत्सव का पहला दिन, 9 अक्तूबर तक 17 संस्थानों के बच्चे दिखाएंगे प्रतिभा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बच्चों की कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच देने वाले बाल रंगमंच महोत्सव 2026 के चौथे संस्करण का बुधवार को गेयटी थिएटर के गॉथिक हॉल में आगाज हुआ। 9 अक्तूबर तक चलने वाले महोत्सव के पहले दिन छह नाट्य प्रस्तुतियां हुईं। बच्चों ने अभिनय प्रतिभा के साथ अपनी रंगमंचीय समझ का भी परिचय दिया।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से लगातार चौथे वर्ष आयोजित महोत्सव में इस बार 17 संस्थान अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा दो विशेष स्क्रीनिंग भी होंगी। अभिनेत्री और रंगकर्मी दिव्या जगदाले महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
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पहले दिन की शुरुआत सरस्वती पैराडाइस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की प्रस्तुति ‘उपहास’ से हुई। इसके बाद स्वर्ण पब्लिक स्कूल, टूटीकंडी ने मंजुला गुलाटी की कहानी ‘लिटल हैंड्स, बिग डिफरेंस’ प्रस्तुत की। रूट्स कंट्री स्कूल, बागी ने ऋचा कश्यप की कहानी ‘बिशु-री जलेबी पकौड़े’ मंचित की। जीएसएसएस सरोग, ठियोग की टीम ने श्रेया नेगी की कहानी ‘द सॉइल रिमेम्बर्स’ प्रस्तुत की।
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पांचवीं प्रस्तुति संभोटा तिब्बतन स्कूल, छोटा शिमला की रही। टीम ने किशन श्रीमन की कहानी ‘पिदू चिड़ू’ को मंच पर जीवंत किया। पहले दिन की प्रस्तुतियों का समापन सर्वोदय बाल आश्रम, रूकवुड की टीम ने किआन अमरीक ठाकुर की कहानी ‘द कॉफी शॉप’ के मंचन के साथ किया।
प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्णायक मंडली में शामिल डॉ. पूर्णिमा चौहान, अनुराधा दर और आस्था शुक्ला चड्ढा करेंगी। महोत्सव के आयोजन में वरिष्ठ रंगमंच विशेषज्ञ श्रीनिवास जोशी, जवाहर कौल और राजन कौशल के साथ क्रिएटिव डायरेक्टर विवेक मोहन, रुपेश भीमटा, संजीव अरोरा, कुमार शानू और आदर्श चौहान का योगदान रहा है।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष वंदना भागड़ा ने कहा कि बाल रंगमंच महोत्सव बच्चों की आवाज, कल्पना और सपनों को मंच देने की निरंतर पहल है।