बिजली विभाग की लापरवाही से मासूम को लगा करंट, मौत
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मामा के घर में खेल रहे मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। करंट लगने से झुलसे बच्चे ने दम तोड़ दिया। मामला हिमाचल के जिला मंडी का है। यहां उपमंडल की ग्राम पंचायत उरला के खाभल गांव में करंट की चपेट में आने से डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई।
घटना वीरवार तड़के करीब सवा छह बजे हुई। मासूम के परिजन उसे सिविल अस्पताल पधर ले गए। जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत उरला के खांभल गांव में डेढ़ वर्षीय सूर्यांश अपनी मां हिमाचली देवी के साथ ननिहाल आया हुआ था।
करीब एक सप्ताह से सूर्यांश यहीं पर था। वीरवार सुबह वह खेलता हुआ कमरे के बाहर रेलिंग की ओर आ गया। जहां बिजली की सर्विस वायर को छूने से वह करंट की चपेट में आ गया। पता चलते ही परिजन उसे सिविल अस्पताल पधर ले गए, जहां मासूम को मृत घोषित कर दिया गया।
बल्ह क्षेत्र के भंगरोटू निवासी मृतक बच्चे के पिता विकास और नानी माया देवी का आरोप है कि यह हादसा विद्युत बोर्ड की लापरवाही के कारण हुआ है। इनका कहना है कि उनका परिवार दूसरी मंजिल में रहता है। बिजली के मीटर के लिए पीवीसी सर्विस वायर वहां से करीब दो फीट की दूरी पर है।
शिकायत करने पर भी नहीं बदली तार
इस बारे में विद्युत बोर्ड को कई बार तारें बदलने को भी कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। आज इतना बड़ा हादसा पेश आया है। इस बारे में विद्युत बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता कृष्ण चंद ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड के पास परिवार की तरफ से ऐसी कोई शिकायत न तो लिखित और न मौखिक रूप से आई है। जहां पर करंट लगा है, वहां से मकान की दूरी दो फीट से भी अधिक है। घटना का पता चलने के बाद मौके का दौरा करने पर पाया गया कि उक्त स्थान पर पीवीसी में टेप लगाई गई थी।
जो नीचे गिरी हुई पाई गई। अधिकारी का कहना है कि शायद बच्चे ने खेलते वक्त टेप उतार दी हो, जिससे यह हादसा घटित हुआ हो। मामले की जांच कर रहे पधर थाना के एएसआई रमेश चंद का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर विद्युत बोर्ड के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है।